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Gujarat: पावागढ़ शक्तिपीठ पहाड़ी पर भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड; चट्टानें गिरने से 2 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत

शुक्रवार तड़के गुजरात के पंचमहल में प्रसिद्ध पावागढ़ शक्तिपीठ पहाड़ी पर भारी बारिश के बीच भूस्खलन हो गया। पाटियापुल के पास चट्टानें गिरने से खेड़ा के 2 श्रद्धालुओं की मौत हुई है और कई घायल हैं।

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पावागढ़ मंदिर की सीढ़ियों पर आ गिरीं भारी चट्टानें

Photo : Times Now Digital

Gujarat News: गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पावागढ़ से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह आई भारी बारिश के दौरान पावागढ़ पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध महाकाली मंदिर के रास्ते में अचानक भूस्खलन हो गया। पहाड़ी की ढलान से भारी चट्टानें खिसककर उन सीढ़ियों पर आ गिरीं। श्रद्धालु चढ़ने के लिए इन्हीं सीढ़ियों का इस्तेमाल कर रहे थे। पत्थरों की चपेट में आने से कम से कम दो तीर्थयात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

सुबह-सुबह हुआ हादसा, संभलने का नहीं मिला मौका

स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार सुबह करीब 5:00 से 6:30 बजे के बीच हुआ। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगला दर्शन के लिए पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर की ओर सीढ़ियों के रास्ते चढ़ रहे थे।

तभी पहाड़ी के रास्ते में पड़ने वाले 'पाटियापुल' के पास अचानक ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी नीचे गिरने लगी। इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी की मिट्टी गीली होकर ढीली हो गई थी, जिसके कारण पत्थरों की रफ्तार इतनी तेज थी कि नीचे से गुजर रहे यात्रियों को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिल सका। कुछ पीड़ित बारिश से बचने के लिए रास्ते में बनी एक अस्थाई शेड के नीचे खड़े थे।

युद्ध स्तर पर चला रेस्क्यू, अब कोई नहीं फंसा

घटना की सूचना मिलते ही पावागढ़ पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं। पहाड़ी पर मौजूद रोपवे सेवा के कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासनिक अमले ने तत्काल मोर्चा संभाला और मलबे तथा पत्थरों के नीचे दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस भयावह हादसे की चपेट में कुल 10 लोग आए थे। इनमें से मलबे से निकाले गए दो श्रद्धालुओं के शव बरामद किए गए हैं, जिनकी पहचान आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है, लेकिन वे गुजरात के खेड़ा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

बचाव टीम और प्रशासन का कहना है कि यह हादसा सुबह बारिश के पानी के तेज बहाव के कारण हुआ है। मलबे से दो शवों को निकाला गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल 8 अन्य लोगों को तुरंत इलाज के लिए पास के हलोल रेफरल अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल मलबे के नीचे कोई भी व्यक्ति फंसा हुआ नहीं है और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह संपन्न हो चुका है।

चूंकि मानसून की शुरुआत के साथ ही पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए प्रशासन ने पावागढ़ आने वाले सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे खराब मौसम और भारी बारिश के दौरान यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें और सतर्क रहें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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