गुजरात : कच्छ पूर्व के रापर में एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ दुष्कर्म, अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और बाल विवाह का गंभीर मामला सामने आया है। 12 जून 2026 को पीड़िता की माँ की शिकायत के बाद रापर पुलिस ने मुख्य आरोपी जाहीन अब्दुल चौहान (उम्र 27, निवासी समावास, रापर) को अगले ही दिन गिरफ्तार किया। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि आरोपी ने 21 जुलाई 2025 को अजमेर की ख्वाजा साहब दरगाह में नाबालिग का गैरकानूनी धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करवाया था। इसके बाद रापर पुलिस की टीम ने अजमेर जाकर दरगाह के इमाम/काजी मोहम्मद रमजान जानमोहम्मद (उम्र 34) को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को 19 जून 2026 तक के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
आरोपी जाहीन अब्दुल चौहान और पीड़िता नाबालिग एक ही कैटरिंग कंपनी में काम करते थे। इसी संपर्क का फायदा उठाकर आरोपी ने लड़की को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद जब भी दोनों मिलते, आरोपी पीड़िता को डराता-धमकाता और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता। जब भी पीड़िता ने शिकायत करने की बात कही, आरोपी उसे यह कहकर चुप कराता कि वह उसके भाई को जान से मार देगा। यह सिलसिला लंबे समय तक जारी रहा।
अजमेर में फर्जी उम्र दिखाकर निकाह, नाम बदला 'शकीना'
पुलिस जांच में सामने आया कि 21 जुलाई 2025 को आरोपी पीड़िता को अजमेर स्थित ख्वाजा साहब दरगाह ले गया। उस समय लड़की की वास्तविक उम्र मात्र 16 वर्ष 5 महीने थी, लेकिन निकाह के लिए उसकी उम्र 21 वर्ष दर्ज कराई गई। दरगाह के इमाम/काजी मोहम्मद रमजान जानमोहम्मद ने पीड़िता से कागज पर लिखवाया "मैं इस्लाम कबूल करती हूँ और निकाह कबूल करती हूँ" और इस तरह गैरकानूनी ढंग से धर्म परिवर्तन कराकर विवाह संपन्न करवाया। निकाह के बाद पीड़िता का नाम बदलकर 'शकीना' रख दिया गया।
निकाह के बाद भी शोषण जारी, परिवार को धमकी
निकाह के बाद लड़की अपने माता-पिता के घर ही रहती थी, लेकिन आरोपी उसे अपने घर, किराये के मकान और अन्य स्थानों पर ले जाकर बार-बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता रहा। धीरे-धीरे उसकी हिम्मत बढ़ती गई और उसने लड़की के साथ-साथ उसके भाई और पूरे परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। तब जाकर माँ को पूरे मामले की जानकारी हुई और 12 जून 2026 को उन्होंने रापर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
डिप्टी SP सागर साँबडा (भचाऊ, कच्छ पूर्व) ने बताया, "12 जून 2026 को शिकायतकर्ता की 17 वर्ष 3 माह की नाबालिग बेटी का आरोपी जाहीन अब्दुल चौहान ने गैरकानूनी तरीके से अपहरण किया, उसे भगाकर ले गया, बार-बार शारीरिक संबंध बनाए और गैरकानूनी विवाह करवाया। शिकायत मिलते ही IGP और SP के निर्देश पर रापर पुलिस और जिला LCB की अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आगे जांच में अजमेर दरगाह में हुए गैरकानूनी धर्म परिवर्तन का खुलासा हुआ, जिसके बाद इमाम को भी गिरफ्तार किया गया। जांच जारी है।"
शिकायत दर्ज होते ही सरहदी बॉर्डर रेंज के IGP चिराग कोरडिया और पुलिस अधीक्षक (पूर्व कच्छ, गांधीधाम) सागर बागमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। डिप्टी SP सागर साँबडा (भचाऊ) के मार्गदर्शन में LCB के इंस्पेक्टर जे.एम. वाला, PSI डी.जी. पटेल और रापर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आर.एल. खटाणा ने ह्यूमन सोर्स और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपी जाहीन को 13 जून 2026 को गिरफ्तार किया।
इसके बाद रापर PI R L खटाना की एक विशेष टीम अजमेर रवाना हुई और 15 जून 2026 को दरगाह के इमाम/काजी मोहम्मद रमजान जानमोहम्मद को वहाँ से गिरफ्तार किया। उनसे निकाह रजिस्टर भी जब्त किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से 19 जून 2026 तक का पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत हुआ।
आरोपी
- - जाहीन अब्दुल चौहान, उम्र 27, निवासी समावास, रापर, कच्छ
- - इमाम/काजी मोहम्मद रमजान जानमोहम्मद, उम्र 34, निवासी अजमेर, राजस्थान
आगे की जांच रापर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर द्वारा जारी है।
