Lioness attack cattle herder: गुजरात के भावनगर जिले के पालिताणा तालुका के गराजिया गांव में सोमवार (6 जुलाई) सुबह एक शेरनी ने मालधारी पर हमला कर दिया। इस पूरी घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घायल मालधारी की पहचान कालूभाई बोगाभाई परमार के रूप में हुई है। उन्हें पहले पालिताणा सरकारी अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए भावनगर अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कालूभाई सुबह अपनी गायों को चारा डालने जा रहे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से आई शेरनी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। उसने पहले उन्हें जमीन पर गिराया, फिर उनके पैर पर पंजा जमाकर बैठ गई और उनका हाथ अपने जबड़े में दबोच लिया।
करीब आधे घंटे तक नहीं छोड़ा हाथ
ग्रामीणों के मुताबिक, शेरनी लगभग आधे घंटे तक कालूभाई का हाथ अपने जबड़े में दबाए रही। आसपास मौजूद परिवार के सदस्य और ग्रामीण घबराकर चिल्लाने लगे। कुछ लोगों ने शेरनी को भगाने के लिए पत्थर भी फेंके, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ।
इसी दौरान कालूभाई ने असाधारण धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने घबराने या जोरदार प्रतिरोध करने के बजाय शांत रहने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे लगातार शेरनी को सहलाते रहे। कुछ देर बाद शेरनी ने उनकी पकड़ ढीली कर दी और वहां से चली गई।
घायल मालधारी ने बताई आपबीती
अस्पताल में उपचाराधीन कालूभाई परमार ने बताया, 'सुबह करीब साढ़े दस बजे मैं गायों को चारा डालने जा रहा था। शेरनी पहले से वहां बैठी थी। उसने अचानक मुझ पर हमला किया, मुझे गिरा दिया और मेरा हाथ मुंह में दबा लिया। करीब आधे घंटे तक उसने हाथ नहीं छोड़ा। अपनी जान बचाने के लिए मैंने उसे हल्के से खुजलाया, तब उसने पकड़ ढीली की और मैं हाथ निकाल पाया।' उन्होंने कहा कि उनके इलाके में इस तरह का हमला पहली बार हुआ है।
एक और ग्रामीण पर भी किया हमला
ग्रामीण हेमुभाई गढ़वी ने बताया कि सुबह जब गांव में लोगों ने शोर मचाया कि वाड़े में शेरनी घुस आई है, तो वह वहां पहुंचे। इसी दौरान शेरनी ने उन पर भी हमला किया। हालांकि बीच में भैंस आ जाने से उनकी जान बच गई।
भतीजे का आरोप: सूचना के बावजूद देर से पहुंचा वन विभाग
घायल के भतीजे मुन्नाभाई वशरामभाई गमारा ने आरोप लगाया कि सुबह गांव में शेरनी दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दे दी थी, लेकिन टीम समय पर नहीं पहुंची। उनके अनुसार, यदि वन विभाग समय पर पहुंच जाता तो हमला टाला जा सकता था।
20 दिनों में चौथा हमला, तीन लोगों की जा चुकी है जान
गुजरात एशियाई शेरों का दुनिया का एकमात्र प्राकृतिक आवास माना जाता है। हालांकि हाल के दिनों में मानव और शेरों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। पिछले लगभग 20 दिनों में इंसानों पर शेरों के हमले की यह चौथी घटना है। इनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक पांच वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। शेरनी के मूवमेंट पर भी नजर रखी जा रही है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
