हिंडन नदी एनसीआर के प्रमुख शहरों गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच से होते हुए यमुना नदी में जा मिलती है। कल यानी 31 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश के बाद हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। अभी NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज यानी गुरुवार 1 अगस्त व आने वाले दिनों में भारी बारिश की आशंका है। ऐसे में हिंडन का जलस्तर और ज्यादा बढ़ सकता है।
गाजियाबाद से लेकर ग्रेटर नोएडा तक हिंडन के डूब क्षेत्र में हजारों मकान बन चुके हैं। हिंडन के बाढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण को भी साफ देखा जा सकता है। अगर हिंडन नदी में जलस्तर बढ़ता है तो इन निचले डूब क्षेत्र में पानी आ सकता है। इसके अलावा क्षेत्र के निचले हिस्सों में बसे गांवों में भी हिंडन का पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है।
साबरमती जैसा रिवरफ्रंट बनाने की तैयारी
एक तरफ हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण की खबरें हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन रिवर फ्रंट बनाने की योजना बना रहा है। नोएडा अथॉरिटी हिंडन नदी के संरक्षण के साथ ही गुजरात में साबरमती रिवर फ्रंट की ही तरह हिंडन नदी के किनारों को विकसित करने की योजना बना रही है। अगर इस योजना को अमली जामा पहना दिया जाता है तो इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर ही बदल जाएगी।प्राधिकरण ने हिंडन नदी के तटबंधों और पिछले 100 सालों के बाढ़ के पैटर्न की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। समिति को दो महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस संबंध में प्राधिकरण ने मंगलवार को ही पत्र जारी किया है। यह योजना करीब 10 हजार करोड़ रुपये की होगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही रिवर फ्रंट से जुड़ी योजना पर फैसला लिया जाना है।
