ग्रेटर नोएडा

सुबह-सुबह पहुंच जाएं पासपोर्ट दफ्तर, बिना अप्वाइंटमेंट के होगा काम; वाक इन सुविधा का फायदा लेकर कहेंगे थैक्यू

पासपोर्ट से जुड़ा आपका कोई काम है तो आपके लिए खुशखबरी है। अब आप 6 मार्च 2025 तक क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में जाकर अपना वह काम आसानी से करवा सकते हैं। इसके लिए आपको किसी तरह की अप्वाइंटमेंट लेने की आवश्यकता नहीं है। इस सुविधा का लाभ पश्चिमी ुत्तर प्रदेश के 13 जिले के आवेदन ले सकते हैं।

Image

पासपोर्ट ऑफिस

Photo : Twitter

क्या आपको अपना पासपोर्ट बनवाना है? क्या पासपोर्ट से संबंधित कुछ अन्य काम है? क्या आपको ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट नहीं मिला है? तो चिंता किस बात की सुबह-सुबह क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पहुंच जाएं और आपकी हर समस्या का समाधान वहीं हो जाएगा। जी हां, आपको अप्वाइंटमेंट लेने की भी जरूरत नहीं है। यह सुविधा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में आज यानी गुरुवार 27 फरवरी से शुरू हुई है, जो 6 मार्च 2025 तक चलेगी।

आवेदकों को मिल रही वॉक इन सुविधा

गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 13 जिले के आवेदकों को यह वॉक इन सुविधा मिलेगी।आवेदक सुबह गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यलय पहुंचकर टोकन ले सकते हैं और अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट दफ्तर में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

कब पहुंचे पासपोर्ट दफ्तर

आवेदक किसी भी वर्किंग डे में सुबह 9.30 बजे से 1 बजे के बीच क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में पहुंचकर अपनी समस्या का समादान करवा सकते हैं। ज्ञात हो कि अगर आप समस्या का समाधान समय पर नहीं करवाते हैं तो आपकी फाइल बंद होने की आसंका रहती है। एक बार फाइल बंद होने पर आपको नए सिरे से आवेदन और शुल्क का भी भुगतान करना पड़ेगा।

किन जिलों में मिल रही वॉक इन सुविधा

गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के तहत आने वाले गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, बागपत, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली जिलों के लोग इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article