ग्रेटर नोएडा

CM योगी आदित्यनाथ के आदेश को दबाकर चैन की नींद सो रहे ग्रेटर नोएडा के अधिकारी, सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों की नींद खुलने का नाम नहीं ले रही। यहां के अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश भी नहीं मानते। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया था कि 10 अक्टूबर तक सड़कों के गड्ढे भर जाने चाहिए। लेकिन 10 तारीख बीतने के बाद भी गड्ढे सड़कों पर शान से पड़े हैं।

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सड़कों पर गड्ढों का राज

Photo : Times Now Digital

GNW का फुलफॉर्म अगर आप ग्रेटर नोएडा वेस्ट यानी नोएडा एक्सटेंशन समझते हैं तो ये आपकी बड़ी गलती है। शायद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी GNW का मतलब ग्रेटर नोएडा वेस्ट ही समझते हैं, यही वजह है कि वह यहां विकास कार्यों के आदेश जारी करते हैं। लेकिन ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के लिए GNW का मतलब गड्ढा नोएडा वेस्ट है। इस अथॉरिटी में भ्रष्टाचार और काम न होने की तो आपके कई खबरें पहले भी पढ़ी और देखी होंगी। लेकिन अथॉरिटी के अधिकारी इतने बड़े हो गए हैं कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश तक नहीं मानते।

ऐसा हम यूं ही नहीं कह रहे, इसके पीछे वजह है। दरअसल कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश के लिए आदेश जारी किया था। इस आदेश में कहा गया था कि त्योहारों का मौसम है, ऐसे में 10 अक्टूबर से पहले सड़कों के सभी गड्ढे भर दिए जाएं, ताकि लोगों को त्योहार का लुत्फ लेने का भरपूर अवसर मिले। लेकिन ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी या तो सोए हुए हैं या उनके लिए मुख्यमंत्री का आदेश कोई मायने ही नहीं रखता। ऐसा नहीं होता तो अब तक ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सड़कों के गड्ढे भर गए होते। यह हाल तो अथॉरिटी ने एक प्लान्ड सिटी में कर रखा है, सोचिए गांवों की सड़कों का क्या हाल होगा।

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सभी सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढेग्रेटर नोएडा वेस्ट में जहां-तहां गड्ढों का राज है। अथॉरिटी ने छोटी-मोटी अंदरूनी सड़कों और बाहर की अन्य शहरों से जोड़ने वाली दोनों तरह की सड़कों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है। हर सड़क पर आपको बड़े-बड़े गड्ढे मिल जाएंगे। फिर गौर सिटी के सामने वाली सड़क, चार मूर्ति से नोएडा की ओर जाने वाली सड़क, नोएडा से चार मूर्ति की ओर आने वाली सड़क और चार मूर्ति से एक मूर्ति की ओर जाने वाली सड़क... यह सब शहर की बहुत ही महत्वपूर्ण सड़कें हैं। इन पर गड्ढे होने का मतलब आप साफ संदेश दे रहे हैं कि आपका गड्ढा नोएडा वेस्ट में स्वागत है। गड्ढो सा जान बचाना आपकी जिम्मेदारी।

आज क्यों लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 अक्टूबर तक का समय दिया था। इसलिए हमने आज सुबह यानी 11 अक्टूबर को इन सड़कों का जायजा लिया। लेकिन इन सड़कों का हाल आज भी वैसा ही है, जैसा मुख्यमंत्री के आदेश से पहले था। इसका मतलब साफ है कि अथॉरिटी के अधिकारी मुख्यमंत्री की बात को भी अनसुना करते हैं और मुख्यमंत्री के आदेश को नहीं मानते।

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अब किससे गुहार लगाएं

अथॉरिटी के अधिकारी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए स्वयं कुछ अच्छा निर्णय लेते नहीं। मुख्यमंत्री की बात वह सुनते नहीं। ऐसे में क्या सड़क के गड्ढों को भरने के लिए यहां के निवासियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगे गुहार लगानी पड़ेगी? अथॉरिटी के लोग आश्वासन दें कि वह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की सुनकर सड़कों के गड्ढे भर देंगे तो यहां के निवासी ऐसा भी कर लेंगे। वैसे भी कभी अपने फ्लैट पाने के लिए तो कभी मेट्रो और बस के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी अक्सर धरना प्रदर्शन और गुहार लगाते रहते हैं।
Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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