ग्रेटर नोएडा

Greater Noida: प्राधिकरण का स्वच्छता का संकल्प, शहर में शुरू हुई रैंकिंग प्रतियोगिता, ग्रेटर नोएडा को सुंदर और स्वच्छ बनाने की तैयारी

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 13, 2022, 07:15 PM IST

Greater Noida Cleanliness Competition: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से एक शानदार पहल सामने आई है। गीले कचरे का प्रबंधन करने वाली संस्थाओं के बीच प्रतियोगिता शुरू की गई है। इसके लिए प्राधिकरण की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। प्रथम पांच संस्थाओं को पुरस्कृत करने का प्लान है। ऐसा माना जा रहा है कि, इस पहल से ग्रेटर नोएडा में स्वच्छता में तेजी से सुधार आएगा।

Image

ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण की ओर से स्वच्छता की शुरू की गई प्रतियोगिता

KEY HIGHLIGHTS
  • गीले कचरे का प्रबंधन कर रही संस्थाओं के बीच होगी प्रतियोगिता
  • 31 दिसंबर तक किया जा सकता है आवेदन
  • टॉप फाइव में आने वाली संस्थाओं को मिलेगा इनाम

Greater Noida Authority: ग्रेटर नोएडा की स्वच्छता मुहिम को आगे बढ़ाते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों के लिए स्वच्छता रैंकिंग प्रतियोगिता शुरू कर दी है। 12 दिसंबर से आवेदन शुरू कर दिए गए हैं। 31 दिसंबर आवेदन करने की अंतिम तिथि है। गीले कचरे (घरेलू वेस्ट) का प्रबंधन कर रहीं संस्थाओं के लिए इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में पहले पांच स्थान पर आने वाली संस्थाओं को उचित इनाम भी दिया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि, इस प्रतियोगिता से शहर में स्वच्छता के स्तर में सुधार देखने के मिल सकता है।

बता दें कि, ग्रेटर नोएडा में ठोस अपशिष्ट कूड़ा प्रबंधन नियम 2016 लागू किया गया है। इसके अनुसार, बल्क वेस्ट जनरेटरों को घरेलू कूड़े का निस्तारण खुद से ही करना होता है। प्राधिकरण की ओर से री-साइकिल न हो पाने वाले इनर्ट वेस्ट को उठाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि, बल्क वेस्ट जनरेटरों में 100 किलोग्राम प्रतिदिन कचरा उत्पन्न करने वाली या फिर 5000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली संस्थाओं और इकाइयों को शामिल किया गया है।

प्राधिकरण ने तय किए पैरामीटर

मिली जानकारी के अनुसार, स्वच्छता की इस मुहिम को और प्रोत्साहित करने के लिए प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी के निर्देश पर स्वच्छता रैकिंग प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेट करने वाली सभी संस्थाओं (वाणिज्यिक, राजकीय कार्यालय, होटल, संस्थागत एवं आवासीय इकाइयों और अस्पतालों ) से आवेदन की मांग की है। ये इकाइयां ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर स्वच्छता रैंकिंग के नाम से दिए गए लिंक पर उपलब्ध गूगल फार्म के जरिए अपना ब्यौरा भर सकती हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। प्राधिकरण ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कई पैरामीटर भी तय कर दिए हैं। इससे जुड़ी जानकारी भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। आवेदन करने वाली संस्थाओं के आवेदनों को 01 से 15 जनवरी के बीच जांचा-परखा जाएगा। इसके बाद प्राधिकरण की टीमें मौके पर जाकर जांच करेंगी।

प्रथम पांच संस्थाओं को मिलेगा ये इनाम

मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रतियोगिता के विजेताओं का एलान कर दिया जाएगा। इस प्रतियोगिता में पहले पांच पायदान पर रहने वाली संस्थाओं को उचित पुरस्कार दिया जाएगा। पहले स्थान पर आने वाली संस्था को 30 हजार रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाली इकाई को 25 हजार रुपए, तीसरे स्थान पर आने वाली को 20 हजार रुपए, चौथे स्थान पर 7500 रुपए और पांचवें स्थान पर रहने वाली संस्था को 5 हजार रुपए इनाम के तौर पर मिलेंगे। एसीईओ प्रेरणा शर्मा ने स्वच्छता रैंकिंग प्रतियोगिता में ग्रेटर नोएडा की सभी संस्थाओं और इकाइयों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित भी किया है।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article