ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले लिए गए। प्रवासी श्रमिकों के लिए पतवाड़ी और बिरौंडी में EWS फ्लैट बनाए जाएंगे, जबकि ईकोटेक-6 और ईकोटेक-11 में ट्रांजिट लेबर हॉस्टल के लिए जमीन मंजूर की गई है। इन फैसलों के मुताबिक सेक्टर अल्फा-1 में आधुनिक पब्लिक लाइब्रेरी बनेगी वहीं ग्रेटर नोएडा की 130 मीटर रोड को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
पहले चरण में ‘एक मूर्ति’ तक बनेगी डबल डेकर सड़क, जिसकी लागत करीब 756 करोड़ रुपये आने का अनुमान है। दूसरे चरण में बाकी हिस्से का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरणों द्वारा समान रूप से वहन किए जाने का प्रस्ताव है।
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रिठौरी में रेलवे लाइन पर फुटओवर ब्रिज बनेगा
ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। नई सड़क से ग्रेटर नोएडा फेस-1, फेस-2 और DNGIR क्षेत्र को फायदा मिलेगा। रिठौरी में रेलवे लाइन पर फुटओवर ब्रिज बनेगा, लिफ्ट और रैंप की भी सुविधा होगी।
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आवासीय भूखंडों पर निर्माण पूरा करने के लिए 30 जून 2028 तक अंतिम मौका
आवासीय भूखंडों पर निर्माण पूरा करने के लिए 30 जून 2028 तक अंतिम मौका है। निर्धारित समय तक कंप्लीशन/कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र नहीं लेने पर आवंटन रद्द होगा। NDRF को ओमीक्रॉन-1ए में 30 फ्लैट निशुल्क देने का फैसला लिया गया, ग्रेटर नोएडा की सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग व्यवस्था मजबूत होगी। बोर्ड के फैसलों से श्रमिक आवास, कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन और वायु गुणवत्ता पर जोर दिया गया है।
