Barmer Nikay Chunav: राजस्थान के बाड़मेर में नगर निकाय चुनाव के नामांकन वापसी के अंतिम दिन उप-खंड अधिकारी (SDM) कार्यालय परिसर के बाहर अचानक माहौल गरमा गया। वार्ड नंबर 43 से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशी के नामांकन फॉर्म वापस लेने की बात को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आरएलपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हाथापाई में बदल गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के दौरान एसडीएम कार्यालय के बाहर बीजेपी के वर्तमान जिलाध्यक्ष अनंतराम बिश्नोई और पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे। वहीं, दूसरी ओर आरएलपी जिलाध्यक्ष जोगाराम और जालाराम के नेतृत्व में कार्यकर्ता डटे हुए थे। करीब चार मिनट तक चले इस अप्रत्याशित हंगामे में कुछ कार्यकर्ताओं को हल्की चोटें भी आईं। बीजेपी का कहना है कि आरएलपी प्रत्याशी अपनी स्वेच्छा से चुनाव मैदान से हटना चाहता था और फॉर्म वापस लेने आया था, लेकिन आरएलपी कार्यकर्ता उसे जबरन रोकने की कोशिश कर रहे थे।
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मामले की सूचना मिलने पर भारी पुलिस पहुंचा
दूसरी तरफ, आरएलपी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। आरएलपी नेताओं का कहना था कि सत्ता के दबाव में उनके प्रत्याशी से जबरदस्ती फॉर्म वापस करवाने का प्रयास किया जा रहा था, ताकि बीजेपी के लिए राह आसान हो सके। हंगामे की सूचना मिलते ही डिप्टी और एडिशनल एसपी स्तर के पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को अलग-अलग खदेड़ा और स्थिति को पूर्ण रूप से नियंत्रित किया।
कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना
घटना के तुरंत बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा भी मौके पर पहुंचे और इस विवाद की कड़ी निंदा की। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता पक्ष बौखलाहट में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर रहा है। फिलहाल, पुलिस की मुस्तैदी से स्थिति शांत है और सभी दल वापस अपने चुनावी अभियानों में जुट गए हैं।
