ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) वायु प्रदूषण बढ़ने पर लागू की जाती है। इसका चौथा चरण (Stage-IV) AQI 450 से ऊपर होने पर लागू होता है और इसे ‘Severe Air Quality’ के मामले में लगाया जाता है। इसमें स्कूलों, वाहनों, निर्माण कार्यों और कार्यालयों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाते हैं। इसका उद्देश्य प्रदूषण से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम को कम करना है।
CAQM ने स्टेज-IV लागू करते हुए, शनिवार को बताया कि दिल्ली और एनसीआर में AQI लगातार बढ़ रहा है। धीमी हवा, स्थिर वातावरण और प्रदूषकों के फैलाव में कमी के कारण वायु गुणवत्ता बिगड़ रही है। ग्रैप-4 के लागू होने का उद्देश्य नागरिकों को गंभीर प्रदूषण से बचाना और वायु गुणवत्ता को सुधारना है।
शिक्षा निदेशालय (DOE) ने सभी सरकारी, सरकारी सब्सिडाइज और निजी स्कूलों के प्रिसंसिपलों को निर्देश दिया है कि कक्षा IX और XI तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में चलें। ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प छात्रों और उनके अभिभावकों के पास रहेगा। सभी जिलों और जोन के DDE को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूलों में इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें।
स्टेज-IV के तहत BS-IV डीजल ट्रकों और भारी मालवाहक वाहनों (HGVs) पर बैन लगाया गया है। केवल आवश्यक वस्तुएं या सेवाएं प्रदान करने वाले ट्रकों को छूट दी गई है। सभी LNG, CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI डीजल ट्रकों को अनुमति दी जाएगी। हल्के कमर्शियल वाहनों पर भी इस बैन का असर पड़ सकता है।
सभी कंस्ट्रक्शन वर्क्स पर रोक लगी है। इसमें हाईवे, सड़कें, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन लाइनें, पाइपलाइन और टेलीकॉम जैसी सार्वजनिक परियोजनाएं शामिल हैं। यह कदम प्रदूषण फैलने की गति को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का विकल्प दिया गया है। पीक आवर्स में ट्रैफिक कम करने के लिए काम के समय में बदलाव (स्टैगर्ड टाइमिंग) लागू किया जा सकता है। राज्य सरकारें अतिरिक्त कदम जैसे कॉलेज बंद करना और गैर-जरूरी व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने पर विचार कर सकती हैं।
CAQM ने बच्चों, बुजुर्गों और जिन लोगों को सांस, हृदय या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें घर पर रहने और बाहर जाने से बचने की सलाह दी है। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो मास्क पहनना अनिवार्य है।