Gorakhpur News: मुनाफे की भूख में सेहत से खिलवाड़! भुने चने में मिला हानिकारक केमिकल; फूड विभाग की बड़ी कार्रवाई
- Authored by: Pooja Kumari
- Updated Dec 17, 2025, 01:10 PM IST
मिलावटखोरों ने मुनाफे के लालच में भुने चने जैसे आम खाद्य पदार्थ को भी नहीं छोड़ा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गोरखपुर में सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 30 टन मिलावटी भुना चना बरामद किया है। जांच के दौरान इसमें हानिकारक केमिकल के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।
गोरखपुर में भुने चने में मिलावट
Gorakhpur News: आपके हाथ में रखा भुना चना, जिसे आपने कुछ देर पहले ही रोड किनारे लगी रेहड़ी से खरीदा है, उसे खाने से पहले जरा सोच लीजिए। जिसे आप फायदेमंद समझकर खाने वाले हैं, कहीं वह मिलाटखोरों की लालच की भेंट तो नहीं चढ़ गया। दरअसल गोरखपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मिलावटखोरों ने भुने हुए चने को आकर्षक बनाने के लिए कपड़ा रंगने वाले हानिकारक केमिकल में रंग दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को छापा मारकर ऐसे 30 टन भुने चने को पकड़ा है। बाजार कीमत 18 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इस मिलावटी चने को खाने से आपकी सेहत को फायदा नहीं, बल्कि भारी नुकसान हो सकता है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छापेमारी में 750 बोरी भुना चना बरामद
खाद्य सुरक्षा विभाग को पिछले कुछ दिनों से गोरखपुर में मिलावटी भुने चने आने की शिकायतें मिल रही थीं। जिसके बाद विभाग की टीम ने लगातार निगरानी और सूचना के आधार पर राजघाट थाना क्षेत्र के लाल डिग्गी इलाके में स्थित मेसर्स मां तारा ट्रेडर्स पर छापेमारी की। जहां से 750 बोरों में रखा भुना चना बरामद किया गया। जिसमें से 400 बोरी चने को मध्य प्रदेश से और 350 बोरी छत्तीसगढ़ से मंगाया गया था।
औरामाइन ओ केमिकल के सेहत पर नुकसान
जांच में सामने आया कि भुने चने को आकर्षक बनाने के लिए औरामाइन ओ नामक कैमिकल का इस्तेमाल किया गया था। इस केमिकल को आमतौर पर कपड़ा और चमड़ा रंगने के लिए औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। इस केमिकल के सेवन से लीवर और किडनी खराब हो सकती है। इससे डीएनए में बदलाव के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।
जांच में मिलावट की पुष्टि
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि भुने चने के नमूनों की जांच अत्याधुनिक मोबाइल लैब ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ में की गई, जहां उसमें मिलावट की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि औरामाइन केमिकल प्रतिबंधित और बेहद जहरीला केमिकल है।
इस छापेमारी के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोरखपुर की फर्म मेसर्स मां तारा ट्रेडर्स, एमपी के कटनी स्थित श्रीराम दाल इंडस्ट्रीज और छत्तीसगढ़ की एसवीजी पल्सेज के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को भी इस मामले की जानकारी देते हुए पत्र लिखा जाएगा।
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