उत्तर प्रदेश के बरेली की चर्चित 'ज्योति मौर्या' की कहानी अभी लोग भूले भी नहीं थे कि गोंडा जिले से बिल्कुल वैसा ही एक मिलता-जुलता मामला सामने आया है। यहां एक पति ने खुद पंजाब के कारखानों में लोहे की पल्लेदारी की, अपनी भैंसें बेचीं और गन्ने की फसल का पैसा पत्नी की पढ़ाई पर लगा दिया। लेकिन जैसे ही पत्नी 'काबिल' हुई और उसकी नौकरी लगी, उसने अपने मजदूर पति को पहचानने से ही इनकार कर दिया। अब मामला पुलिस की चौखट पर है।
मजदूरी के पैसों से संवारा पत्नी का भविष्य
यह मामला गोंडा के मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव का है। यहां के रहने वाले राजेश कुमार वर्मा (28) की शादी साल 2001 में बालपन में रेनू वर्मा से हुई थी। 2018 में गौना होने के बाद जब रेनू ससुराल आई, तो उसने आगे पढ़ने और ANM (नर्सिंग) का कोर्स करने की इच्छा जताई। राजेश खुद सिर्फ पांचवीं पास है, लेकिन उसने ठान लिया कि वह अपनी पत्नी का सपना पूरा करेगा। राजेश ने बताया कि वह पंजाब के लुधियाना चला गया और वहां लोहे की पल्लेदारी यानी बोझ ढोन का काम किया। पत्नी की फीस भरने के लिए उसने घर की दो भैंसें बेच दीं और गन्ने की फसल का पैसा भी पढ़ाई में लगा दिया। राजेश का दावा है कि उसने करीब डेढ़ लाख रुपये पत्नी की पढ़ाई पर खर्च किए।
नौकरी लगते ही बदली पत्नी की नीयत
राजेश का आरोप है कि 2022 में कोर्स पूरा होने और अस्पताल में नौकरी लगने के बाद रेनू के तेवर बदल गए। वह अब ससुराल आने को तैयार नहीं है। राजेश जब उसे लेने ससुराल पहुंचा, तो पत्नी और उसके घरवालों ने एक ऐसी शर्त रख दी जिसे सुनकर वह सन्न रह गया। रेनू का कहना है कि राजेश अपने बीमार पिता और नेत्रहीन मां को छोड़कर गोंडा शहर में उसके साथ अलग रहे। राजेश ने जब अपने लाचार माता-पिता को छोड़ने से इनकार किया, तो ससुराल वालों ने उससे 10 लाख रुपये की मांग कर डाली। पीड़ित का कहना है कि पत्नी और उसके मायके वाले अब उस पर पैसे देने और संबंध खत्म करने का दबाव बना रहे हैं।
"मैं मजदूरी करता रहा, वो धोखा देती रही"
भावुक होकर राजेश ने बताया, "मैंने लुधियाना में भारी लोहा ढोकर पैसे भेजे ताकि वह पढ़ सके। उसने वादा किया था कि नौकरी लगने के बाद हम साथ रहेंगे। अब मेरी मां अंधी हो गई हैं, पिता बीमार हैं, उन्हें इस हाल में कैसे छोड़ दूं? अब वह कहती है कि तुम्हारे घर नहीं आऊंगी, 10 लाख दो और लिखा-पढ़ी कर लो।"
पुलिस कर रही मामले की जांच
पीड़ित पति ने अब न्याय के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर शिल्पा वर्मा से गुहार लगाई है। राजेश ने मांग की है कि या तो उसकी पत्नी को वापस भेजा जाए या फिर उसकी पढ़ाई पर खर्च किए गए पैसे और शादी के जेवर वापस दिलाए जाएं। सीओ शिल्पा वर्मा ने बताया कि शिकायत मिली है और मामले की जांच स्थानीय थाने को सौंप दी गई है। दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
