उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस ने शनिवार तड़के मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी बदमाश नईम को ढेर कर दिया। पुलिस पिछले 15 दिनों से नईम की तलाश में जुटी थी। नईम पर मेरठ में उसके छोटे भाई और उसके परिवार के लोगों की हत्या करने का आरोप था। इस वारदात में नईम मुख्य आरोपी था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से वह फरार था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 8 पुलिस टीम में 15 इंस्पेक्टर समेत 50 पुलिसकर्मियों को लगाया था। पूरे 15 दिन के बाद मेरठ पुलिस को सफलता मिली और नईम की लोकेशन के बारे में पता लगा। पुलिस से हुई मुठभेड़ में आरोपी नईम मारा गया।
कौन था जमील हुसैन उर्फ नईम
जानकारी के अनुसार, हत्यारा जमील हुसैन उर्फ नईम भेष बदलकर पुलिस से छिपता फिर रहा है। पुलिस ने जब उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले तो उन्हें पता लगा कि उसके खिलाफ दिल्ली और महाराष्ट्र में हत्या के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया की आरोपी लंबे समय से वांछित है और इस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नासिक, मालेगांव, मुंबई, अजमेर समेत कई शहरों की पुलिस नईम की तलाश में जुटी हुई थी। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार द्वारा जारी बयान के मुताबिक इस जघन्य अपराध के पीछे पैसे और संपत्ति को लेकर विवाद था। नईम के साथी सलमान पर भी 50 हजार का इनाम है। पुलिस ने बताया कि सलमान नईम की पत्नी का भाई है। नईम ने अपने साले सलमान और अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने सौतेले भाई राजमिस्त्री मोईन और उसके परिवार की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
मेरठ हत्याकांड
मेरठ में 9 जनवरी को लिसाड़ी गेट के सोहेल गार्डन में राजमिस्त्री मोईन, उसकी 3 बेटियों और पत्नी की निर्मम हत्या का मामला सामने आया था। घर से दुर्गंध आने पर पुलिस को मामले की सूचना दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर में बेड से पांच शवों को जब्त किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई और पुलिस मामले की जांच में जुट गई। इस दौरान पुलिस को राजमिस्त्री मोईन के भाई नईम के बारे में पता लगा। बताया जा रहा है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने बाद आरोपी घर को बाहर से बंद करके वहां से फरार हो गया।
पुलिस एनकाउंटर आरोपी नईम ढेर
मेरठ के एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि लिसाड़ी गेट थाना के समर गार्डन क्षेत्र में पुलिस ने सुबह तड़के लगभग 3.45 मुठभेड़ में नईम बाबा को मार गिराया है। पुलिस आरोपी नईम और उसके साथी सलमान के साथ फरार था। पुलिस दोनों को पकड़ने के लिए राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तराखंड में लगातार दबिश कर रही थी। तभी उन्हें मुखबिरों से सूचना पर नईम को समर गार्डन इलाके में घेरा गया। पुलिस ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए नईम ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में नईम गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर नईम को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। पुलिस ने नईम के पास से एक हथियार और साथ अन्य समान बरामद किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नईम एक खतरनाक और शातिर अपराधी था। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि वह लंबे समय से कई राज्यों में हत्या के मामले वांछित था।
