गाजियाबाद

गाजियाबाद में नगर निगम का नाला बना बच्चों के लिए मौत का जाल, 7 साल के मासूम की डूबने से मौत

Ghaziabad: गाजियाबाद में नगर निगम की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद में नाले में गिरने से एक सात साल के मासूम की मौत हो गई है।

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गाजियाबाद में नाले में गिरने से सात साल के बच्चे की मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Ghaziabad: गाजियाबाद में नगर निगम द्वारा बनाया गया नाला अब बच्चों के लिए खतरा बनता जा रहा है। नगर कोतवाली क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास एक 7 साल का मासूम नाले में गिरकर लापता हो गया। घंटों की तलाश के बाद उसका शव बरामद किया गया। पहले भी इस नाले में कई बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही जारी है। जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के नगर कोतवाली क्षेत्र के वार्ड 93 में रेलवे लाइन के पास बने इस नाले ने एक और मासूम की जान ले ली। 7 वर्षीय बच्चा खेलते-खेलते नाले में गिर गया और देखते ही देखते पानी में समा गया। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे की तलाश शुरू की गई। इलाके के लोगों के साथ प्रशासन ने कई घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह नाला बच्चों के लिए खतरा बन चुका है। पहले भी यहां कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आखिर कब तक मासूमों की जान जाती रहेगी? इससे पहले भी इस इलाके में नाले में गिरकर कई बच्चों की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को बार-बार चेतावनी दी गई, लेकिन नाले को ढकने या उसके आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस दर्दनाक हादसे से सबक लेगा या फिर ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। पीड़ित परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है और इलाके के लोग नगर निगम के खिलाफ आक्रोशित हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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