Modinagar News: देश में खाने की चीजों में मिलावट का जाल फैलता ही जा रहा है। चावल में प्लास्टिक, दूध में रंग और खोया में मिलावट की खबरें आपने जरूर सुनी होगी। लेकिन अब मसालों में भी मिलावट के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला मोदीनगर से सामने आया है। यहां स्थित एक मिल में मसालों में मिलावट की सूचना मिली थी। खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की छापेमारी में पता लगा की मसालों में कपड़ों को रंगने वाला औद्योगिक रंग मिलाया जा रहा है।
मिल में रंग के कई पैकेट
मोदीनगर की अन्नपूर्णा आटा मिल में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा था। उन्होंने बताया कि यहां उन्हें सिंथेटिक रंग के कई पैकेट मिले हैं, जिनका मुख्य तौर पर उपयोग औद्योगिक रूप से किया जाता है। उन्होंने बताया कि इन पैकेट पर जहरीले होने की चेतावनी छपी हुई है। अधिकारी ने बताया कि मिल से 200 किलो हल्दी और 150 किलो लाल मिर्च पाउडर जब्त किया गया है। मसालों की कुल मात्रा में वृद्धि करने के लिए और उन्हें चमकिला दिखाने के लिए रंग मिलाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मीरा सिंह ने बताया कि उंगलियों के बीच मसाले में अतिरिक्त किरकिरी बनावट महसूस की जा सकती है। उन्होंने बताया की खाद्य विभाग मसाले में खाद्य रंग मिलाने की अनुमति तक नहीं देता है। ऐसे में औद्योगिक उपयोग वाला सिंथेटिक रंग मसाले में मिलाना एक गंभीर अपराध है।
मसालों पर नहीं है ब्रांड का कोई नाम
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अन्नपूर्णा मिल में बनने वाले मसालों को किसी ब्रांड के तहत नहीं बेचा जाता। ये खुले तौर पर थोक बाजार, सब्जी मंडी आदि में बेचे जाते हैं। खुले मसालों के सबसे बड़े ग्राहक छोटे भोजनालय और सड़क किनारे वाले ढाबे होते हैं, जहां से अधिकतर लोग भोजन करते हैं।
जांच के लिए लखनऊ भेजे गए मसाले के नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अन्नपूर्णा मिल से जब्त किए मसालों के नमूनों को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। ताकि मिलावट की मात्रा के बारे में पता लग सके। अधिकारी ने बताया कि अगर मसाले में मिलावट मिलती है तो मिल के मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मसाले बनाने का नहीं था लाइसेंस
मिली जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा मिल एक आटा मिल के रूप में रजिस्टर्ड है। इनके पास मसाले बनाने का कोई लाइसेंस नहीं था। मालिक ने कम मात्रा में मसालों बनाने की बात कही थी। लेकिन यहां बड़े पैमाने पर मसालों का उत्पादन किया जा रहा था। मिल में मसाला पीसने वाली तीन मशीनें लगी हुई है, जिससे स्पष्ट होता है कि यहां भारी मात्रा में मसालों का उत्पादन किया जा रहा है।
मिलावट मसालों से स्वास्थ्य हानि
बता दें कि किसी भी प्रकार के मिलावटी खाने से स्वास्थ्य को नुकसान होता है। मसालों में इस प्रकार की मिलावट व्यक्ति की किडनी, लीवर को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा इससे एलर्जिक रिएक्शन, दस्त और उल्टी आदि जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
