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गाजियाबाद के मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता ईरान में फंसे, हिरासत में जहाज समेत 16 क्रू मेंबर

यूपी के गाजियाबाद के रहने वाले मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता और जहाज पर मौजूद 16 क्रू मेंबर्स को ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड ने हिरासत में रखा गया है। परिवार लगातार प्रशासन, विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

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मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता ईरान में फंसे

गाजियाबाद : जिले के साहिबाबाद की डीएलएफ कॉलोनी निवासी मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता ईरान में फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड ने जिस जहाज पर केतन तैनात थे, उसे अपने कब्जे में ले लिया है और जहाज पर मौजूद 16 क्रू मेंबर्स को हिरासत में रखा गया है। परिजनों के अनुसार, केतन मेहता मर्चेंट नेवी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। जिस जहाज पर वे ड्यूटी कर रहे थे, उसे ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड ने रोका और बाद में जहाज सहित सभी क्रू मेंबर्स को हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद से केतन का अपने परिवार से संपर्क टूट गया है।

केतन के माता-पिता इस घटना को लेकर बेहद चिंतित हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक किसी भी स्तर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। परिवार लगातार प्रशासन, विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

परिवार चिंतित

परिजनों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता ने भावुक अपील करते हुए कहा कि हम सरकार से हाथ जोड़कर अपील कर रहे हैं कि हमारे बेटे केतन को सुरक्षित वापस लाया जाए। हमें किसी तरह की सही जानकारी नहीं मिल रही है, बहुत चिंता हो रही है। परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से हस्तक्षेप कर केतन मेहता सहित सभी भारतीय क्रू मेंबर्स की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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