Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी टीम ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो किसी बंद कमरे या अस्पताल में नहीं, बल्कि चलती कार के अंदर अवैध भ्रूण लिंग जांच का नेटवर्क चला रहा था। शनिवार देर रात हुई इस बड़ी कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने मौके से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं। मामले की जांच पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) सेल और पुलिस द्वारा की जा रही है।
कार से बरामद हुई पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक गिरोह कार में पोर्टेबल मशीन की मदद से अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच कर रहा है। सूचना के आधार पर शनिवार देर रात कोतवाली थाना क्षेत्र में कार संख्या UP14 FL 9355 को रोककर तलाशी ली गई। इस दौरान कार से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य उपकरण बरामद हुए। इसके बाद टीम ने मौके से संदीप, सलमान, शाहिद और तरलोक को गिरफ्तार कर लिया।
एजेंटों के जरिए खोजते थे ग्राहक
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। गिरोह अपने एजेंटों के जरिए ,ऐसे दंपत्तियों तक पहुंचता था, जो भ्रूण लिंग जांच कराना चाहते थे। इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। आरोपी चलती कार में ही यह जांच करते थे, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी टीम, पुलिस और पीसीपीएनडीटी सेल संयुक्त रूप से आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगा रही है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन इलाकों में इसका संचालन किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
