Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे अपने आप में अनोखा एक्सप्रेसवे है। इसकी खास बातों पर गौर करें तो यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा 594 किलोमीटर का एक्सप्रेसेवे, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला इकलौता एक्सप्रेसवे है। 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे, जो बिना किसी रुकावटे से 6-8 घंटे में पूर्वी यूपी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा। अभी इसी दूरी को तय करने में 12 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। इस एक्सप्रेसवे पर कुल 1498 से ज्यादा स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, जिसमें पुल, फ्लाईओवर और अन्य संरचाएं भी शामिल हैं। किसी भी मौसम में इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक्सप्रेसवे यूपी के कई जिलों को जोड़ते हुए व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे की इतनी बात इसलिए क्योंकि आगामी 29 अप्रैल को PM Modi इसका उद्घाटन करने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से -
उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई रफ्तार देने जा रहा बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार 29 अप्रैल को हरदोई में इस बहुत ही महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे राज्य की कनेक्टिविटी (मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाला) और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश की पश्चिमी UP से कनेक्टिविटी
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक बनाया गया है। इस कॉरिडोर की खास बात यही है कि यह कॉरिडोर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे कनेक्ट करते हुए राज्य में संतुलित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यात्रा समय में होगी भारी कमी
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। यह एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज की दूरी को 6-8 घंटे में तय करने में मदद करेगा, जबकि अभी इसमें 12 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। इससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को लाभ होगा। तेज और सुरक्षित सफर के साथ-साथ ही यह प्रोजेक्ट उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश की लॉजिस्टिक्स हब के रूप में पहचान को और मजबूत करेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों से होकर जाता है
12 जिलों को जोड़ता है यह एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे का सीधा असर राज्य के 12 जिलों और 519 गांवों पर पड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे जिलों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इन जिलों से गुजर रहा गंगा एक्सप्रेसवे
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
एक्सप्रेसवे के मामले में नंबर 1 उत्तर प्रदेश
बता दें कि उत्तर प्रदेश पहले से ही देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क का हिस्सा रखता है। गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह आंकड़ा लगभग 60 फीसद तक पहुंच सकता है, जिससे राज्य देश में एक्सप्रेसवे विकास का अग्रणी केंद्र बन जाएगा।
इस परियोजना से लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को अच्छा लाभ मिलेगा। सरकार इसे औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की भीयोजना बना रही है, जिससे निवेश आकर्षित होगा और क्षेत्र में नए रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए भी यह वरदान साबित हो सकता है। उन्हें अपनी फसलों को तेजी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे फसल खराब होने की आशंका कम होगी और बेहतर कीमत मिल सकेगी। इसके अलावा प्रयागराज और अन्य धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
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FAQs
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कब होगा?
हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
