शहर

Raebareli Digital Arrest: रिटायर सूबेदार और उनकी पत्नी को 6 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 82 लाख रुपये ठगे

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में साइबर ठगों ने रिटायर सूबेदार दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 82.5 लाख ठग लिए, उन्हें लगभघ छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया।

Image

रायबरेली में बुजुर्ग दंपत्ति को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 82 लाख से ज्यादा

Raebareli Digital Arrest: आज के आधुनिक युग में सब कुछ डिजिटल है। डिजिटल युग में जिंदगी काफी आसान हुई है, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी काफी ज्यादा बढ़े हैं। ऐसी ही एक साइबर ठगी डिजिटल अरेस्ट भी है। साइबर अपराधियों ने हाल के वर्षों में इसे बड़े हथियार की तरह इस्तेमाल किया है और इससे कई लोगों से बड़ी-बड़ी ठगियां की हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश में रायबरेली से सामने आया है।

6 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट

रायबरेली से साइबर ठगी (Cyber Fraud) का बहुत ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर अपराधियों ने एक रिटायर सूबेदार और उनकी पत्नी को 6 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके रखा और इस दौरान उनसे 82 लाख 50 हजार रुपये की ठग लिए।

शौचालय जाने के लिए भी लेनी पड़ती इजाजत

जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के सम्राट नगर निवासी रिटायर सूबेदार सूर्यभान सिंह और उनकी पत्नी को साइबर ठगों ने लगभग छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उन्हें 24 घंटे वीडियो कॉल के जरिए कंट्रोल किया गया। इस दौरान हालत ऐसे थे कि दंपति को शौचालय जाने तक के लिए साइबर ठगों से इजाजत लेनी पड़ती थी।

82.50 लाख रुपये ठगे गए

साइबर अपराधियों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर रिटायर दंपति को डराया-धमकाया और उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। इसी डर के चलते पीड़ितों से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 82.50 लाख रुपये उनके बताए गए बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर करा लिए।

पुलिस ने 31 लाख रुपये तुरंत होल्ड करवाए

छठे दिन दंपति ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को इस पूरे मामले की सूचना दी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 31 लाख रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड करा दिए। शुरुआत जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम IndusInd Bank नोएडा और Yes Bank के पश्चिम बंगाल में बैरकपुर स्थित ब्रांच के खातों में ट्रांसफर कराई गई थी।

कानूनन डिजिटल अरेस्ट नहीं होता है

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। साथ ही बैंक खातों और ट्रांजैक्शन डिटेल की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत नजदीकी थाने को सूचना दें। बता दें कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं है। अगर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया जा रहा है तो तुरंत फोन कॉल काटकर पुलिस को इस संबंध में सूचित करें।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article