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Noida Protest के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद तक कैसे पहुंचे UP Police के हाथ, जानें

नोएडा हिंसा मामले में पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा को गिरफ्तार किया, जबकि मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को तमिलनाडु से पकड़ा गया। जांच में साजिश का खुलासा हुआ।

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नोएडा हिंसा मामले में पुलिस की गिरफ्त में मास्टरमाइंड आदित्य आनंद

Noida Protest: नोएडा में सोमवार 13 अप्रैल को हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट में शामिल दोनों आरोपियों हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा को नोएडा की थाना फेस-2 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दोनों ही बिगुल मजदूर दस्ता के एक्टिव सदस्य हैं। यही नहीं पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को भी गिरफ्तार कर चुकी है। आदित्य को 18 अप्रैल की देर रात करीब 1:40 बजे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आदित्य ने अपना गुनाह कुबूल भी कर लिया है। पुलिस के अनुसार उसने साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है और उसे रिमांड में लेकर पूरे नेटवर्क व साजिश की गहराई से जांच की जा रही है।

कहां से पकड़ा गया मास्टरमाइंड आदित्य

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट और UP STF ने नोएडा हिंसा मामले में संयुक्त कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान हिंसा के मास्टरमाइंड आदित्य को तमिलनाडु में तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आदित्य कई दिनों से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर जांच एजेंसियों को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था और कई राज्यों में दबिश दी जा रही थी।

पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है आदित्य

पुलिस जांच में पता चला है कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य ने ही श्रमिक आंदोलन को हिंसा में बदलने की साजिश रची थी। पुलिस ने दावा किया है कि उसने ही सोमवार 13 अप्रैल को नोएडा में हुई हिंसा को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया।

कैसे हुई मास्टरमाइंड आदित्य की गिरफ्तारी

नोएडा हिंसा के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस और नोएडा पुलिस ने संयुक्त रूप से कई राज्यों में छापेमारी की। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद ली गई और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसी दौरान आदित्य की लोकेशन तमिलनाडु में मिली। बस फिर क्या था, यूपी पुलिस ने भी तमिलनाडु का टिकट कटवाया और वहां के आदित्य को गिरफ्तार कर लिया।

हिंसा भड़काने में हिमांशु और सत्यम का हाथ

बताया जा रहा है कि आरोपी हिमांशु इस हिंसा के मास्टरमाइंड में से एक आदित्य आनंद से लगातार संपर्क में था। हिमांशु हिंसा के दिन नोएडा में भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ हिंसा के लिए भड़काऊ गतिविधियों को अंजाम देने के सुबूत मिले हैं।

Himanshu Thakur Satyam Verma

नोएडा हिंसा में गिरफ्तार किए गए दो आरोपी

पुलिस के अनुसार कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में पिछले सोमवार को हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान इन दोनों आरोपियों की भूमिका अहम थी। पुलिस के मुताबिक दोनों ही आरोपी भड़काऊ गतिविधियों और हिंसक घटनाओं को संचालित कर रहे थे। इस मामले में नोएडा थाना फेस-2 में पहले से ही मामला दर्ज किया जा चुकाथा।

कैसे हुई दोनों आरोपियों गिरफ्तारी

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी सुबूतों के आधार पर कल यानी रविवार 19 अप्रैल को हिमांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हिमांशु ठाकुर मूल रूप से उत्तराखंड में तराई क्षेत्र के जिला उधमसिंह नगर में काशीपुर का मूल निवासी है। वह फिलहाल दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में रह रहा था। जबकि दूसरा आरोपी सत्यम वर्मा लखनऊ के निशांतगंज का रहने वाला है। दोनों से पूछताछ के बाद नोएडा थाना फेज-2 ने गिरफ्तार कर लिया।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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