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पंजाब कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं! भूपेश बघेल के खिलाफ नारेबाजी; पूर्व MLA मदनलाल जलालपुर पार्टी से निष्काषित

पंजाब कांग्रेस ने पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। पटियाला रैली में हुई नारेबाजी के बाद आदेश जारी हुए। इधर, संगरूर में राजा वंडिंग और चन्नी के समर्थक आमने-सामने आ गए।

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पंजाब कांग्रेस से निष्काषित किए गए विधायक पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर

पंजाब कांग्रेस में भीतरघात और अनुशासनहीनता के खिलाफ पार्टी आलाकमान ने सख्त रुख अपना लिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। उनके निष्कासन के लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। शनिवार को पटियाला के बाद अब संगरूर में कांग्रेस कार्यक्रम में हंगामा देखने को मिला। अब पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल सीधे कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गए। इस बार भूपेश बघेल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। हालात ऐसे बने कि दोनों गुटों के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए और हाथापाई की नौबत आ गई। भूपेश बघेल और राजा वडिंग के खिलाफ नारेबाजी हूटिंग से मामला और गरमा गया है।

क्या है पूरा मामला?

मदनलाल जलालपुर पर पार्टी अनुशासन तोड़ने के गंभीर आरोप लगे थे। इससे पहले, 6 जुलाई को उन्हें पार्टी की ओर से 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया गया था। सूत्रों के अनुसार, नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें मौखिक रूप से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन आज हुई एक घटना के बाद पार्टी ने आधिकारिक तौर पर लिखित आदेश जारी कर दिए।

पंजाब कांग्रेस में खींचतान

पंजाब कांग्रेस की आंतरिक खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आई है। शनिवार को भी पटियाला में आयोजित पार्टी के 'हर बूथ, कांग्रेस मज़बूत' कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारेबाज़ी शुरू कर दी।

मंच पर मौजूद थे दिग्गज नेता

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ जब मंच पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी मौजूद थे। बघेल ने एक दिन पहले ही राज्य इकाई में किसी भी तरह की गुटबाज़ी से इनकार किया था। कार्यक्रम में सांसद अमर सिंह और ब्रह्म मोहिंद्रा समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता भी शामिल थे।

क्या हुआ कार्यक्रम में?

जैसे ही राजा वडिंग ने अपना भाषण शुरू किया, चन्नी के समर्थकों ने 'चरणजीत सिंह चन्नी ज़िंदाबाद' और 'चन्नी लियाओ, पंजाब बचाओ' जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम की कार्यवाही बाधित हुई। राजा वडिंग ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने की कई बार अपील की, लेकिन काफी देर तक नारेबाजी जारी रही, जिसे वहां मौजूद अन्य नेताओं ने शांत कराने का प्रयास किया।

पार्टी की चुनौती

कार्यक्रम में मौजूद कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी आलाकमान को स्पष्ट संदेश दिया। समाना और राजपुरा जैसे इलाकों से आए कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि संगठनात्मक निर्णयों में कार्यकर्ताओं की राय को नजरअंदाज करना पार्टी के लिए महंगा पड़ सकता है। कई कार्यकर्ताओं ने यह मांग रखी कि पार्टी को या तो चरणजीत सिंह चन्नी को आगामी चुनावों में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना चाहिए या फिर राज्य की कमान किसी अनुभवी नेता को सौंपनी चाहिए।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को एकजुट करने का दावा कर रही है। भूपेश बघेल इन दिनों पंजाब के दौरे पर हैं और ब्लॉक-स्तरीय नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं, ताकि पार्टी की जमीनी स्थिति को मजबूत किया जा सके। हालांकि, इस घटना ने पार्टी नेतृत्व के 'सब कुछ ठीक है' के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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