दिल्ली-एनसीआर के तीन बड़े शहरों नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद को जोड़ने की कवायद लंबे समय से चल रही है। लेकिन अभी तक यह योजना सफल नहीं हो पाई है। इसके लिए FNG हाईवे की परिकल्पना की गई थी, जो हरियाणा के फरीदाबाद शहर को उत्तर प्रदेश में नोएडा और गाजियाबाद से जोड़ता। लेकिन इस पर हरियाणा में ही काम वर्षों से लटका पड़ा है। अब FNG Expresswayको बनाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को देने की तैयारी है। चलिए जानते हैं इस बारे में सब कुछ -
FNG Expressway का काफी काम नोएडा में हो चुका है। इसके बावजूद इस हाईवे को बनाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया है, क्योंकि नोएडा में कुछ किलोमीटर सड़क बनने के बाद इसका काम अटका हुआ है। नोएडा अथॉरिटी के प्रस्ताव पर पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने FNG Expressway का काम NHAI को देने की कोशिश की थी। इसके लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी भी भेजी गई थी। एक बार तो NHAI की टीम ने यहां का दौरा भी किया और अधिकारियों के अनुसार FNG Expressway की उपयोगिता नहीं है, जिसके कारण NHAI ने इसको बनाने की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।
फिर से NHAI की ओर बढ़े कदम
NHAI पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण को FNG Expressway की उपयोगिता न होने की बात करके इसको बनाने की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर चुका है। इस बार उत्तर प्रदेश की ओर से नहीं बल्कि हरियाणा सरकार की तरफ से यह पहल की जा रही है। अगर NHAI हरियाणा सरकार को भी इनकार करती है तो राज्य सरकार अपने स्तर पर भी इसको बनाने की तैयारी कर रही है।
DPR हुई तैयार
दरअसल नोएडा और हरियाणा सरकार के PWD अधिकारियों के बीच मंगलवार को एक बैठक हुई। इस बैठक में FNG बनाने की जिम्मेदारी NHAI को सौंपने के संकेत मिले। इस बैठक में यमुना नदी पर बनने वाले 600 मीटर लंबे पुल और उसको जोड़ने वाली सड़क के अलाइनमेंट पर भी चर्चा हुई। हरियाणा के अधिकारियों ने जानकारी दी कि यमुना पर बनाए जाने वाले पुल व अन्य कार्यों की DPR तैयार हो चुकी है और इसे मंजूरी के लिए भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि एक बार मंजूरी मिल जाने के बाद FNG निर्माण की आगे की प्रक्रिया की तरफ बढ़ा जाएगा। उन्होंने जानकारी दी की यमुना पुल जमीन से करीब 14 मीटर ऊंचा होगा और इसको जोड़ने वाली सड़क की ऊंचाई भी ज्यादा होगी।
यमुना ब्रिज पर खर्चा
FNG Expressway के तहत यमुना रोड पर बनने वाले पुल को बनाने में 200-250 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। इस खर्चे को नोएडा प्राधिकरण और हरियाणा सरकार मिलकर आधा-आधा वहन करेंगे। फरीदाबाद में यह पुल लालपुर गांव के पास जुड़ेगा। यमुना पुल के अलावा FNG के लिए फरीदाबाद क्षेत्र में किसानों से जमीन अधिग्रहण भी किया जाना है।
नए कानून के तहत किसानों से जमीन का अधिग्रहण होगा तो सरकार पर पहले से ज्यादा आर्थिक बोझ आएगा। फिलहाल हरियाणा में FNG को लेकर कोई काम नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार को जमीन अधिग्रहण और अन्य कार्य करने में समय लगेगा और सब कुछ ठीक रहने के बावजूद FNG परियोजना को पूरा होने में अब भी कई साल लग सकते हैं।
नोएडा में FNG
नोएडा में FNG Expressway का काफी काम हो चुका है। कुछ इलाकों में सड़क बनाने का काम बाकी हैं, क्योंकि यहां पर जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और सरकार के बीच कोर्ट में विवाद चल रहा है। यमुना पर बनने वाले नए पुल के लिए भी अथॉरिटी को किसानों से जमीन अधिग्रहण करनी है और यह प्रक्रिया आसान नहीं है। नोएडा क्षेत्र में भी अभी एक फ्लाईओवर, एक अंडरपास और एक जगह पर एलिवेटेड रोड भी बनाई जानी है। नोएडा क्षेत्र में FNG Expressway पर दो हजार करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
