NCR में यहां बनेगा डबल डेकर मेट्रो कॉरिडोर, DPR की जा रही तैयार
- Edited by: Digpal Singh
- Updated Dec 24, 2025, 12:44 PM IST
दिल्ली-एनसीआर की सुविधाओं के चलते ही देशभर से लोग यहां आकर अपना घर बनाना चाहते हैं। यहां रोजगार के अवसर भी भरपूर हैं और परिवहन की व्यवस्था भी। परिवहन व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए यहां की सरकारें लगातार काम करती रहती हैं। इसी कड़ी में NCR में एक डबल डेकर मेट्रो और एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है।
डबल डेकर कॉरिडोर से सुधरेगा शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर (फोटो - AI)
दिल्ली-NCR में रहने का सपना लेकर हर साल लाखों लोग दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद जैसे शहरों में आते हैं। नौकरी के अच्छे अवसर, अच्छी जीवनशैली और आवाजाही की अच्छी व्यवस्था लोगों को इस ओर खींच लाती है। दिल्ली-एनसीआर में अच्छी सड़कें और मेट्रो की कनेक्टिविटी की चलते यह लाजमी भी है। सरकारें भी लगातार लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए योजनाएं लाती रहती हैं। अब NCR के एक प्रमुख शहर में डबल डेकर मेट्रो कॉरिडोर बनाने की योजना है, अभी इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। चलिए जानते हैं -
गुरुग्राम में सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर भविष्य में ट्रैफिक जाम, जमीन की बर्बादी और ढांचागत दोहराव से बचने के लिए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की तरफ से एक अहम प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के तहत सेक्टर 56 से पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को घाटा चौक से वाटिका चौक के बीच डबल डेकर वायाडक्ट के रूप में बनाने की योजना है। इस वायाडक्ट की खास बात ये होगी कि इसमें एक डेक पर मेट्रो लाइन और दूसरे पर एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। अच्छी बात ये है कि दोनों के लिए अलग-अलग पिलर और फाउंडेशन की जरूरत नहीं होगी।
GMRL ने बारे में हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) और प्रोजेक्ट के डिजाइन कंसल्टेंट को प्रस्ताव भी सौंप दिया है। अगर इस परियोजना को अमल में लाया जाता है तो यह गुरुग्रामवासियों के लिए काफी अच्छा होगा। एक ही बार में मेट्रो और एलिवेटेड रोड का काम पूरा होने से उन्हें बार-बार निर्माण कार्य के चलते ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। वैसे बता दें कि डबल डेकर मॉडल पहले से ही जयपुर, नागपुर और बेंगलुरु जैसे शहरों में सफलतापूर्वक चल रहा है। इससे राइट ऑफ वे का बेहतर उपयोग होने के साथ ही, पिलरों की संख्या कम रहती है और निर्माण लागत में भी कमी आती है।
अभी इस स्ट्रेच पर मेट्रो और एलिवेटेड रोड दोनों परियोजनाएं अलग-अलग प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ रही हैं। अगर इन्हें इसी तरह से अलग-अलग ही बनाया गया तो भविष्य में SPR कॉरिडोर पर कई दिक्कतें आ सकती हैं। फाउंडेशन और पिलरों का अनावश्यक रूप से दोहराव होगा। ड्रेनेज और मेनटेनेंस से जुड़ी दिक्कतों के अलावा विजुअल कंजेशन और भविष्य की योजनाओं के लिए विकल्प भी सीमित हो जाएंगे।
यही सब बातों को ध्यान में रखते हुए GMRLने मेट्रो कॉरिडोर के लिए एक समग्र DPR तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें घाटा से वाटिका चौक तक एलिवेटेड रोड के डिजाइन, अलाइनमेंट, स्ट्रक्चर और लागत को भी शामिल किया जाएगा। इससे मेट्रो रेल और एलिवेटेड रोड दोनों ही सुविधाओं को एक ही इंटीग्रेटेड डबल-डेकर स्ट्रक्चर के ऊपर से गुजारा जाएगा।
बता दें कि गुरुग्राम सेक्टर 56 से पचगांव तक प्रस्तावित 36 किमी लंबी मेट्रो लाइन की अनुमानित लागत करीब 8500 करोड़ रुपये है। यह मेट्रो कॉरिडोर गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, SPR, सेंट्रल पेरिफेरल रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे सेक्टरों को जोड़ते हुए आगे मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र से होकर पचगांव तक जाएगा। ड्राफ्ट डीपीआर के मुताबिक, इस पूरे रूट पर कुल 28 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे।
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