Maharashtra News: महाराष्ट्र में राजधानी मुंबई के पास ठाणे जिले के डोंबिवली के एक अस्पताल में महिला डॉक्टर, नर्स और कर्मचारियों से मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीसीटीवी में कैद हुई इस घटना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिवसेना काउंसलर रमेश म्हात्रे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जब से डोंबिवली में मनपा के शास्त्रीनगर अस्पताल में यह घटना हुई, तभी से मेडिकल कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई यह घटना वहां लगे CCTV में कैद हो गई। CCTV Footage सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। अस्पताल के कर्मचारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
विष्णुनगर पुलिस ने इस मामले में रमेश पवार, प्रमोद निकम और अक्षय कारंडे नाम के तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया था। अब शिवसेना नेता रमेश म्हात्रे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित तौर पर मारपीट और हंगामा किया था, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था।
नगर सेवक रमेश म्हात्रे धक्का-मुक्की में शामिल
जानकारी के मुताबिक इस मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे भी शामिल थे। रमेश म्हात्रे अपने कुछ सहयोगियों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनकी अस्पताल के कर्मचारियों के साथ कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने महिला डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।
विपक्ष ने दी बड़े आंदोलन की धमकी
इस मामले में NCP (शरदचंद्र पवार) के नेता और विधायक रोहित पवार ने पहले ही शिव सेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उनका कहना था कि अगर म्हात्रे को गिरफ्तार नहीं किया गया तो हम कल्याण डोंबिवली के सभी अस्पतालों के डॉक्टर और नर्सों के समर्थन में बड़ा आंदोलन करेंगे। हालांकि, पुलिस ने अब म्हात्रे को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्यमंत्री को जवाबदेही तय करनी चाहिए
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक रविंद्र चौहान भी अस्पताल नहीं आए, जबकि यह उनका चुनाव क्षेत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद डॉक्टर श्रीकांत शिंदे घटनास्थल पर नहीं आए, इसके अलावा आरोग्य मंत्री को आना था, लेकिन वह भी नहीं आए। रोहित पवार का कहना है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास गृह मंत्रालय भी है। उन्हें पुलिस से पूरी जवाबदारी लेनी चाहिए।
