साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने उसे 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारियां जेल से बाहर निकलेगा। मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारियां जेल से बाहर निकलेगा। बताया जा रहा है कि सुबह 6 बजकर 34 मिनट पर राम रहीम जेल से बाहर आया। इस दौरान वहां सामान्य सुरक्षा व्यवस्था ही नजर आई।
2017 में हुई आजीवन कारावास की सजा
गौरतलब है कि अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद गुरमीत राम रहीम को सुनारियां जेल में बंद किया गया था। तब से अब तक वह 15 बार पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आ चुका है। इस बार उसे 16वीं बार पैरोल मिली है, जिसे लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
इस साल जनवरी में भी राम रहीम को 40 दिन की पैरोल दी गई थी। वह 15 फरवरी को वापस सुनारियां जेल लौटा था। लगातार मिल रही पैरोल को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने पहले भी सवाल खड़े किए हैं। आलोचकों का कहना है कि गंभीर मामलों में सजा काट रहे कैदी को बार-बार राहत मिलना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि पैरोल कानूनी प्रक्रिया के तहत दी जाती है और सभी नियमों का पालन किया जाता है। राम रहीम की रिहाई के बाद उसके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
