शहर

दिल्ली से डल की दूरियां होंगी कम, श्रीनगर तक बनेगा ऑल वेदर कॉरिडोर; जम्मू जाने की मजबूरी होगी खत्म

देश की राजधानी दिल्ली और जम्मू-कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर के बीच दूरियां कम होने वाली हैं। दोनों शहरों के बीच एक नया ऑल वेदर कॉरिडोर बनाए जाने की योजना है, जिससे पर्यटकों की जम्मू जाने की बाध्यता खत्म हो जाएगी। कॉरिडोर की डीपीआर इसी साल तैयार होगी।

Image

बनेगा दिल्ली-श्रीनगर कॉरिडोर

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  1. इस साल दिसंबर तक DPR तैयार कर ली जाएगी
  2. नया कॉरिडोर 250 किमी लंबा होगा
  3. इस कॉरिडोर पर 30 हजार 500 करोड़ खर्च का अनुमान

अनुच्छेद 370 हटने के बाद दिल्ली और श्रीनगर के बीच दिलों की दूरियां तो कम हुई हैं, लेकिन सड़क की दूरी अब भी बनी हुई है। अब भी श्रीनगर जाने के लिए पहले जम्मू जाना पड़ता है और उसके बाद जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) के जरिए श्रीनगर पहुंचना होता है। करीब जम्मू से श्रीनगर के बीच की दूरी करीब 250 किमी है। इस दूरी को तय करने में अभी 6-7 घंटे लग जाते हैं। जबकि दिल्ली और जम्मू के बीच की करीब सवा 6 सौ किमी की दूरी लगभग 12 घंटे में पूरी हो जाती है। ऐसे में दिल्ली से श्रीनगर पहुंचने में 18-19 घंटे का समय लग जाता है। अब सरकार ने दिल्ली को सीधे श्रीनगर से जोड़ने के प्लान पर काम शुरू कर दिया है। दिल्ली और श्रीनगर के बीच नया ऑल वेदर कॉरिडोर बनेगा, जो जम्मू जाने की मजबूरी को खत्म कर देगा।

जी हां, केंद्र सरकार दिल्ली से सीधे श्रीनगर जाने के लिए एक नया ऑल वेदर कॉरिडोर बनाने जा रही है। इस ऑल वेदर कॉरिडोर के बन जाने से पर्यटकों और यात्रियों को जम्मू का फेरा लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इस नए कॉरिडोर के बन जाने से दिसंबर-जनवरी में भारी बर्फबारी के बीच भी श्रीनगर राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों से जुड़ा रहेगा, रोड कनेक्टिविटी बनी रहेगी।

डीपीआर पर हो रहा काम

यह नया कॉरिडोर न सिर्फ श्रीनगर को देश की राजधानी दिल्ली और अन्य शहरों से जोड़ेगा, बल्कि घाटी में पर्यटन और रोजगार का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इससे व्यापारियों को फायदा होगा। कश्मीर के फल और अन्य फसलें तेजी से देश के बाजारों तक पहुंचेंगी और देश के अन्य हिस्सों से घाटी तक सामान की आवाजाही भी आसान होगी। इस साल यानी दिसंबर 2025 तक इस पूरे प्रोजेक्ट की DPR यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बन जाएगी। सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल यानी 2026 में इस कॉरिडोर पर काम भी शुरू हो जाएगा।

ये होगा रूट

अभी अगर आपको दिल्ली से श्रीनगर जाना होता है तो पहले जम्मू जाना पड़ता है। इसके बाद जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) के रास्ते श्रीनगर जाते हैं। लेकिन सरकार ने कठुआ-बसोहली-भद्रवाह-डोडा कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है। इस कॉरिडोर के बन जाने से आपको दिल्ली से जम्मू नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि सीधे आप श्रीनगर की वादियों में पहुंच जाएंगे।

चार लेन का होगा कॉरिडोर

आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह नया रोड कॉरिडोर 4 लेन का होगा। यानी पूरे 250 किमी लंबे इस कॉरिडोर में दोनों तरफ दो-दो लेन होंगी। इस कॉरिडोर को बनाने में करीब 30 हजार, 500 करोड़ रुये का खर्च आने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, लागत से जुड़ी पूरी जानकारी डीपीआर बनने के बाद ही सामने आएगी।

23 सुरंगें भी बनेंगी

बताया गया है कि कठुआ और डोडा के बीच 47 किमी के कॉरिडोर में कुल 23 सुरेंगें बनाई जाएंगी। बात वर्तमान की करें तो बड़ी-भद्रवाह के बीच बर्फबारी के कारण चार महीने तक यह सड़क बंद रहती है। यहां छत्रकला में 7 किमी लंबी सुरंग बनेगी, जिससे कठुआ-बसोहली-भद्रवाह-डोडा एक ऑल वेदर कॉरिडोर बन जाएगा और श्रीनगर सर्दियों में भारी बर्फबारी के बीच भी दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से जुड़ा रहेगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article