Delhi Population Growth: दिल्ली की आबादी में पिछले 15 सालों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। जनगणना 2027 के पहले चरण में राजधानी की जनसंख्या 2.30 के पार पहुंच गई है। यह 2011 की जनगणना के मुकाबले 37.5 प्रतिशत अधिक है। सर्वे के दौरान 75 लाख से अधिक मकानों और लगभग 55 लाख परिवारों का रिकॉर्ड तैयार किया गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ये आंकड़े स्थायी नहीं हैं, अंतिम जनसंख्या आंकड़े फरवरी 2027 में जारी किए जाएंगे।
दिल्ली के 13 जिलों में कितनी आबादी?
जनगणना 2027 के पहले चरण में हुए सर्वे के दौरान दिल्ली के 13 जिलों में रहने वाले 2,30,78,796 निवासियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। वहीं 2011 की जनगणना के दौरान 1.68 करोड़ आबादी दर्ज की गई थी। जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक जारी रहा। इस दौरान गणनाकर्मियों ने दिल्ली के 75,98,982 मकानों और 54,98,560 परिवारों का सर्वेक्षण किया। इस काम को 45,863 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) के जरिए पूरा किया गया। एक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में औसतन 180 मकान शामिल होते हैं। इस व्यापक सर्वे में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया था।
पहले चरण में पूछे गए ये सवाल
जनसंख्या के पहले चरण में मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे गए। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया का मकसद जनसंख्या के साथ-साथ आवासीय और सामाजिक ढांचे से जुड़ी अहम जानकारी जुटाना है। नई दिल्ली जिले में पहला फेज 16 अप्रैल से 15 मई के बीच पूरा किया गया था।
दिल्ली में सबसे अधिक आबादी वाला जिला
जिलावार आंकड़ों को देखें तो उत्तर-पूर्वी दिल्ली सबसे अधिक आबादी वाला जिला बनकर उभरा है। जहां 28,68,949 निवासियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। इसके बाद दक्षिण-पश्चिम जिले की आबादी 25,00,195, पश्चिम जिले की 24,42,346 और दक्षिण-पूर्व जिले की 22,70,778 दर्ज की गई। वहीं नई दिल्ली जिला सबसे कम आबादी वाला रहा, जहां केवल 2,44,929 निवासी दर्ज हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में लगातार बढ़ती आबादी का प्रभाव आवास, यातायात, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सेवाओं पर पड़ रहा है।
फरवरी में जनसंख्या होगी स्पष्ट
अधिकारियों ने साफ किया है कि अभी सामने आए आंकड़े अस्थायी हैं। अगले चरण में विस्तृत जनगणना और आंकड़ों के सत्यापन के बाद फरवरी 2027 में अंतिम जनसंख्या आंकड़े जारी किए जाएंगे।
