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दिल्ली में फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग स्कैम का पर्दाफाश; लाखों की ठगी का खुलासा, 4 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं के जरिए बड़ी ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कई राज्यों में फैले एक संगठित नेटवर्क के जरिए लोगों को मुनाफे का लालच देकर ठगते थे। जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ित से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर उसे फर्जी निवेश समूह में शामिल कराया गया था।

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दिल्ली पुलिस ने फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग स्कैम का भंडाफोड़ किया (प्रतीकात्मक फोटो)

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं के जरिए एक व्यक्ति से 45 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी साझा की। जांच में पता चला कि आरोपी पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में एक संगठित नेटवर्क चला रहे थे।

ये फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और निवेश समूह बनाकर लोगों को शेयर बाजार के फायदे और उच्च मुनाफे का झांसा देते थे। यह मामला 2025 का है, जब एक दिल्ली निवासी ने शिकायत दर्ज कराई कि उससे 45.25 लाख रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस के अनुसार, पहले पीड़ित से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया गया और फिर उसे एक ऐसे समूह में शामिल किया गया, जिसका संचालन आरोपी खुद वित्तीय सलाहकार बनकर कर रहे थे।

बैंक खातों में पैसे भेजने को कहा गया

पुलिस उपायुक्त (अपराध) आदित्य गौतम के अनुसार, पीड़ित को लगभग एक महीने के दौरान 15 अलग-अलग लेनदेन के जरिए आठ अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजने को कहा गया। जब उसने अपने निवेश और कथित मुनाफे को निकालने का प्रयास किया, तो समूह और सोशल मीडिया अकाउंट अचानक बंद हो गए और ट्रेडिंग ऐप भी काम करना बंद कर गया।

ये हैं गिरफ्तार हुए आरोपी

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिशु गर्ग, दीपक जून उर्फ विकास, अमित गिरि और सुनील कुमार के रूप में हुई है। साथ ही, रिशु की मां रेणु गर्ग को भी कानूनी कार्रवाई के तहत पाबंद किया गया है। जांच में पता चला कि ठगी गई रकम में से चार लाख रुपये रेणु के बैंक खाते में जमा हुए थे, और उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका बेटा रिशु ही उस खाते का संचालन कर रहा था।

क्या-क्या हुआ जब्त

पुलिस के अनुसार, रिशु ने दीपक को 25,000 रुपये के बदले नेट बैंकिंग की जानकारी दी और लेनदेन की सीमा बढ़ाकर एक करोड़ रुपये तक कर दी। मामले में चार मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड जब्त किए गए हैं और कई बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है। सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, विशेषकर ’मैक्स’, की तलाश अभी जारी है, जो संभवतः दिल्ली से बाहर से कार्यरत है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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