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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई; द्वारका से पकड़ा गया 22 वर्षीय शूटर, व्यापारी की हत्या की मिली थी सुपारी

दिल्ली पुलिस ने संगठित वसूली और हत्या की साजिश से जुड़े एक कथित शूटर को द्वारका से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बुराड़ी के एक कारोबारी की हत्या की जिम्मेदारी लेने और अंतरराज्यीय गिरोह के संपर्क में रहने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि मामले में हथियार, चोरी का वाहन और अन्य अहम सुराग बरामद हुए हैं, जबकि व्यापक साजिश की जांच जारी है।

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दिल्ली पुलिस ने रंगदारी और हत्या की साजिश से जुड़े शूटर को गिरफ्तार किया (प्रतीकात्मक फोटो)

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने कौशल चौधरी गिरोह से जुड़े होने के संदेह में 22 वर्षीय एक युवक को द्वारका इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उसे संगठित जबरन वसूली की साजिश के तहत बुराड़ी के एक व्यवसायी की हत्या करने का जिम्मा दिया गया था। यह जानकारी रविवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने साझा की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भलस्वा डेयरी निवासी कुलदीप सिंह के रूप में हुई है।

अधिकारी के अनुसार, द्वारका क्षेत्र में चलाए गए विशेष निगरानी अभियान के दौरान उसे पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पीएक्स-30 ऑटोमैटिक पिस्तौल, 7.65 एमएम की एक आधुनिक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा, उसके कब्जे से एक चोरी की स्कूटर भी जब्त की गई, जिसका उपयोग वह कथित रूप से कर रहा था। आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

व्यापारी की हत्या की जिम्मेदारी

जांच अधिकारियों ने बताया कि उन्हें गोपनीय सूचना मिली थी कि विदेश में बैठे गैंगस्टर पवन शौकीन और गुरदीप उर्फ ‘पा जी’ ने दिल्ली में एक चुनिंदा व्यक्ति की हत्या की साजिश रचने के लिए अपने स्थानीय सहयोगियों को सक्रिय किया है। पुलिस के अनुसार, सिंह वर्ष 2024 में पंजाब में हुए पांच करोड़ रुपये की उगाही और फायरिंग की घटना में भी कथित रूप से शामिल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह का दबदबा कायम करने और वसूली नेटवर्क को मजबूत करने के लक्ष्य से उसे बुराड़ी के एक व्यापारी की हत्या की जिम्मेदारी दी गई थी।

संपत्ति विवाद के चलते पिता की हत्या

पुलिस के अनुसार, सात फरवरी को द्वारका सेक्टर-17 के एक निर्माणाधीन मार्केट परिसर के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। पुलिस टीम को देखते ही संदिग्ध ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्कता के चलते उसे तुरंत दबोच लिया गया। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी जिस स्कूटर का इस्तेमाल कर रहा था, वह उत्तर प्रदेश से चोरी की गई थी। पूछताछ के दौरान सिंह ने कथित रूप से खुलासा किया कि वर्ष 2019 में संपत्ति विवाद के चलते उसके पिता की हत्या हो गई थी। इस घटना के बाद उसने पढ़ाई बीच में छोड़ दी और धीरे-धीरे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के संपर्क में आ गया।

मामले की जांच जारी

पुलिस के मुताबिक, उसकी गिरोह के सदस्यों से पहचान प्रदीप उर्फ बंटू के जरिए हुई थी। इसके बाद उसने विदेश में बैठे सरगनाओं से सीधे संपर्क साध लिया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने वर्ष 2024 के दौरान पंजाब और दिल्ली में हुई कई फायरिंग तथा उगाही की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में सामने आया कि वह गिरोह के संचालकों से ‘एन्क्रिप्टेड’ संचार माध्यमों के जरिए बातचीत करता था। कथित रूप से उसने अंबाला से हथियार हासिल किए और गिरोह के नेटवर्क की मदद से कुछ खेप अन्य राज्यों तक भी पहुंचाई। पुलिस के अनुसार, वह निशाने पर लिए गए कारोबारी की रेकी कर चुका था और गिरफ्तारी से पहले उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में सक्रिय गिरोह के सदस्यों के साथ तालमेल बना रहा था। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान करने और हत्या व जबरन वसूली की बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए जांच जारी है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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