Madan Lal Khurana: दिल्ली में विधानसभा चुनाव तारीखों का ऐलान हो गया। अगले महीने विधानसभा चुनाव है। चारों तरफ चुनावी चर्चे जारी हैं। पार्टियां अपने वोटर्स को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ऐसे में दिल्ली में एक ऐसा मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्हें दिल्ली का शेर कहा गया। वह कोई और नहीं बल्कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री रहे मदन लाल खुराना हैं। आइए, जानते हैं कि आखिर मदन लाल खुराना को दिल्ली का शेर क्यों कहा गया। मदन लाल खुराना का ताल्लुक पाकिस्तान से रहा है। वह दिल्ली के सीएम बने और सीएम बनने के बाद वह "दिल्ली का शेर" के तौर पर मशहूर हो गए।
पाकिस्तान में हुआ था जन्म
मदन लाल खुराना का जन्म 1936 में पाकिस्तान के पंजाब में हुआ था, भारत के विभाजन के बाद एक शरणार्थी के रूप में दिल्ली आए थे। 11 साल की उम्र में उन्हें अपना घर (अब पाकिस्तान) छोड़ना पड़ा था। दिल्ली में आकर उन्होंने न सिर्फ एक नया जीवन शुरू किया, बल्कि राजनीति में कदम रखकर दिल्ली की राजनीति का एक अहम किरदार बन गए।
दिल्ली में राजनीतिक सफर
दिल्ली में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, मदन लाल खुराना छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ के महासचिव रहते हुए उन्होंने राजनीति की बारीकियां सीखीं। 1993 में, भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया। यह पहली बार था जब बीजेपी ने दिल्ली में सरकार बनाई थी।
दिल्ली के लिए एक नया युग
आपको बता दें कि 37 साल के इंतजार के बाद दिल्लीवासियों को एक नई सरकार मिली थी। मदन लाल खुराना ने दिल्ली के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के कारण उन्हें 'दिल्ली का शेर' के नाम से जाना जाता था। मदन लाल खुराना 2 दिसम्बर 1993 को दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। उनका कार्यकाल 26 फरवरी 1996 तक रहा। वह कुल दो साल 86 दिनों तक दिल्ली के सीएम रहे।
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