दिल्ली

'ऑपरेशन मिलाप' बना उम्मीद की किरण, दिल्ली पुलिस ने बिछड़े रिश्तों को जोड़ा, 130 लापता लोगों पहुंचे अपने घर

दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन मिलाप के तहत अगस्त में 130 लापता लोग वापस अपने परिजनों से मिल सके हैं और अपने घर लौट आए हैं। इन लापता लोगों में 48 बच्चे और 82 वयस्क शामिल थे। दिल्ली में इस साल जनवरी से लेकर अगस्त तक कुल 931 लापता लोगों को पुलिस ने खोजा है और उनके परिवारों से मिलाया है, जिनमें 306 बच्चे और 625 वयस्क शामिल थे।

Image

ऑपरेशन लापता से अपने परिवार पहुंचे लापता लोग (टाइम्स नाउ नवभारत)

Photo : Times Now Digital

Delhi Police Operation Milap: दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन मिलाप' ने बिछड़े हुए लोगों के अंदर अपने परिवार से फिर से मिलने की उम्मीद को हकीकत का रूप दिया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने कई बिछड़े परिवारों को फिर से मिलाया है। अगस्त महीने में ही साउथ-वेस्ट दिल्ली पुलिस ने 130 लापता लोगों को खोज निकाला और उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया। इनमें छोटे बच्चे से लेकर वयस्क भी शामिल हैं।

ऑपरेशन मिलाप: 130 लापता लोग अपने घर लौटे

साउथ-वेस्ट दिल्ली पुलिस ने अगस्त महीने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस के ऑपरेशन मिलाप के तहत 130 लापता लोग अपने परिवारों से मिल गए। इनमें 48 बच्चे और 82 बड़े शामिल हैं।

सालभर में 931 लोग मिले

इस साल जनवरी से अगस्त तक पुलिस ने अब तक 931 लोगों को ढूंढ निकाला है। इनमें 306 बच्चे और 625 वयस्क थे। सभी को उनके परिवारों को सुरक्षित सौंप दिया गया।

कैसे मिलाए गए लोग?

पुलिस को शिकायत मिलते ही खोज शुरू कर दी जाती है। इसके लिए इलाके में पूछताछ, CCTV कैमरों की जांच, और गुमशुदा लोगों की तस्वीरें बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और ऑटो स्टैंड पर लगाना जैसे कदम उठाए गए। बस ड्राइवर, कंडक्टर, दुकानदार, मुखबिर और अस्पतालों के रिकॉर्ड से भी मदद ली गई।

डीसीपी साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट अमित गोयल का कहना है कि इस तरह के अभियान से लोगों का भरोसा बढ़ता है और परिवारों को अपने बिछड़े बच्चे और परिजन वापस मिल जाते हैं।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

और पढ़ें
End of Article