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Delhi: 100 से ज्यादा लोगों को शिकार बनाने वाले फर्जी नौकरी गिरोह का भंडाफोड़; 5 ठग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने कोटला मुबारकपुर इलाके में फर्जी नौकरी दिलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 100 से अधिक लोगों से करीब 15 लाख रुपये की ठगी कर चुका था। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और भुगतान रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

Delhi Police Bust Fake Job Racket (Symbolic Photo: Canva)

दिल्ली पुलिस ने फर्जी नौकरी रैकेट का किया पर्दाफाश (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

Delhi Fake Job Racket: दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी नौकरी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए कोटला मुबारकपुर इलाके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह गिरोह नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 100 से ज्यादा लोगों से करीब 15 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। जांच में पता चला है कि इस गिरोह का संचालन तारिक खान कर रहा था, जिसके साथ उसके साथी कपिल, उसकी पत्नी तन्नू, अदीबा और शाहाना उर्फ जोया भी शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक, ये सभी मिलकर नौकरी के नाम पर लोगों से रकम ऐंठते थे।

आरोपियों ने ‘स्किल इनोवेशन सॉल्यूशन’ के नाम से एक नकली प्लेसमेंट एजेंसी शुरू की थी और जानी-मानी भर्ती वेबसाइटों पर विज्ञापन डालकर नौकरी की तलाश में लगे लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। यह मामला तब उजागर हुआ जब शालीमार गार्डन निवासी मनीषा ने शिकायत दर्ज कराई कि अमरदीप नामक व्यक्ति ने बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 24,000 रुपये वसूल लिए। पुलिस के अनुसार, सितंबर में अमरदीप ने मनीषा से संपर्क किया और बताया कि उसकी प्रोफाइल एक मल्टीनेशनल कंपनी में चयनित की गई है। उसने मनीषा को इंटरव्यू के लिए कोटला मुबारकपुर स्थित उनके दफ्तर बुलाया और बाद में नौकरी प्रक्रिया के नाम पर ऑनलाइन पेमेंट ऐप से पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव डाला।

100 से अधिक लोगों को ठगा

पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी के बाद न तो पीड़ितों को कोई जॉब ऑफर मिला और न ही उनकी रकम लौटाई गई। दक्षिण जिले के डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि जांच में यह खुलासा हुआ कि गिरोह ने इसी तरीके से 100 से अधिक लोगों को ठगा था। एजेंसी को वैध दिखाने के लिए उन्होंने करीब 10 टेली-कॉलर्स को नियुक्त किया हुआ था। पुलिस ने कोटला मुबारकपुर स्थित दफ्तर पर छापा मारते हुए पांचों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स से उम्मीदवारों की जानकारी लेकर उन्हें इंटरव्यू के बहाने ऑफिस बुलाते थे और फिर “सिक्योरिटी फीस” या “प्रोसेसिंग चार्ज” के नाम पर यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए पैसे ऐंठते थे।

बार-बार बदलते थे कार्यालय का पता

पुलिस के मुताबिक, रकम प्राप्त होने के बाद आरोपी पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने कार्यालय का पता बदलते रहते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, फर्जी रसीदें, भुगतान के रिकॉर्ड, उम्मीदवारों के बायोडाटा, और ठगी में इस्तेमाल किए गए यूपीआई अकाउंट विवरण बरामद किए हैं। इसके अलावा, ‘स्किल इनोवेशन सॉल्यूशन’ से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है ताकि अन्य पीड़ितों, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

(इनपुट - भाषा)

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi Author

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