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Delhi News: गीता पाठ की परीक्षा पास करने वाले को मिले ई-बाइक: इस्कॉन मंदिर पहुंच बागेश्वर महाराज ने जताई इच्छा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 2, 2023, 08:50 PM IST

Delhi News: भगवान कृष्ण के संदेश को पूरे विश्व में पहुंचाने के लिए स्वामी प्रभुपाद ने इस्कॉन मंदिर की स्थापना की थी। इस मंदिर का नाम एक विशेष अंग्रेजी भाषा के शब्दों को बनाकर किया गया – इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कांशसनेस (इस्कॉन)। इस अध्यात्मिक संस्थान की स्थापना भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपद ने 1966 में न्यूयॉर्क में की थी।

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बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे इस्कॉन मंदिर

Delhi News: बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचे। इस दौरान बागेश्वर महाराज ने गीता के प्रसार के लिए इस्कॉन के सामने एक प्रस्ताव भी रखा। इस मौके पर बाबा बागेश्वर के साथ देश के जाने-माने मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. विवेक बिंद्रा भी उनके साथ मौजूद रहे।

यहां बाबा बागेश्वर सरकार ने इस्कॉन के संस्थापक प्रभुपाद जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही वर्तमान समय में इस्कॉन की जिम्मेदारी संभाल रहे पूज्य श्री गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज से भी मुलाकात कर उनका स्नेहशील आशीष पाया।

गीता पाठ की परीक्षा पास करने वाले को मिले ई-बाइक

गोस्वामी महाराज से चर्चा के दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा कि प्रभु जी हम चाहते है कि समूचे भारत में गीता के ज्ञान का विस्तार हो। इसके लिए देशभर में जिलेवार गीता पाठ की परीक्षा कराई जाए और इस परीक्षा को पास करने वाले व्यक्ति को एक ई-बाइक गिफ्ट की जाए। इससे लोगों में गीता पढ़ने और पढ़ाने की लालसा पैदा होगी और आने वाले समय में हर घर से गीता पढ़ाने वाला एक अध्यापक निकलेगा।

बागेश्वर सरकार ने डॉ. बिंद्रा को बताया हनुमान

जब धीरेंद्र शास्त्री प्रभु श्री गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज जी से मिले, तो उन्होंने कहा कि मुझे आप तक पहुंचाने में डॉ. बिंद्रा ने रामसेतु का काम किया है। जैसे लंका में विभीषण फंसे थे, तो हनुमान जी कृपा से भगवान राम की कृपा प्राप्त करने का मौका मिला था, उसी तरह आज डॉ. बिंद्रा की मदद से मुझे आपकी कृपा प्राप्त हो पाई पायी है। मेरे तो वह हनुमान से कम नहीं हैं। इस दौरान बाबा बागेश्वर महाराज ने इस्कॉन में उपस्थित सभी लोगों से मुलाकात की। इस अवसर पर भगवत गीता के प्रचार-प्रसार और गीता ज्ञान को आम जानमानस तक पहुंचाने पर विचार विमर्श किया गया और सनातन धर्म की रक्षा करने का संकल्प लिया। इस दौरान बाबा बागेश्वर सरकार ने मंदिर में रखी सबसे बड़ी गीता के दर्शन किए।

सबसे पहले कहां हुई थी इस्कॉन मंदिर की स्थापना

वैसे तो इस्कॉन के मंदिर सारी दुनिया में हैं। भगवान कृष्ण के संदेश को पूरे विश्व में पहुंचाने के लिए स्वामी प्रभुपाद ने इस्कॉन मंदिर की स्थापना की थी। इस मंदिर का नाम एक विशेष अंग्रेजी भाषा के शब्दों को बनाकर किया गया – इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कांशसनेस (इस्कॉन)। इस अध्यात्मिक संस्थान की स्थापना भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपद ने 1966 में न्यूयॉर्क में की थी। इसके बाद साल 1975 में भारत के वृंदावन में इस्कॉन मंदिर की स्थापना की गई थी। जहां आज इस मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

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