दिल्ली-एनसीआर में हवा जहर बन चुकी है। आसमान धुंध से ढका है, अब इस बढ़ते प्रदूषण का असर दिल्ली के व्यापार पर भी साफ नजर आने लगा है। इसी चिंता को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने तत्काल इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है।
'सांस लेना मुश्किल, व्यापार करना और भी मुश्किल' - बृजेश गोयल
बृजेश गोयल ने कहा, दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी है। टीवी, अखबार और सोशल मीडिया के जरिए हर व्यक्ति प्रदूषण के खतरों से वाकिफ है। लोग अब बाजारों में आने से बच रहे हैं। पहले जहां रोजाना 3 से 4 लाख लोग एनसीआर से दिल्ली खरीदारी के लिए आते थे, अब यह संख्या घटकर करीब 1 लाख रह गई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के रिटेल कारोबार को हर दिन करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। शादी-ब्याह का सीजन अपने चरम पर है, लेकिन लोग घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। सांस की तकलीफ वाले तो बिल्कुल ही बाहर नहीं जा रहे।

CTI के चेयरमैन ने दिल्ली में प्रदूषण को लेकर पीएम को लिखा पत्र
हम बाजारों के समय बदलने को भी तैयार - सीटीआई
सीटीआई ने कहा कि व्यापारी पूरी तरह से सरकार के साथ खड़े हैं। अगर केंद्र या राज्य सरकारें चाहें तो दिल्ली के बाजारों को अलग-अलग समय पर खोलने का निर्णय लिया जा सकता है ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों पर नियंत्रण रहे।
केवल दिल्ली सरकार नहीं, सभी राज्यों की जिम्मेदारी
सीटीआई महासचिव गुरमीत अरोड़ा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग ने कहा, “यह सिर्फ दिल्ली की नहीं, पूरे एनसीआर की समस्या है। नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत हर जगह AQI गंभीर स्तर पर है। जब तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी और राजस्थान की सरकारें एक साथ नहीं बैठेंगी, तब तक कोई ठोस समाधान संभव नहीं। इसीलिए सीटीआई ने पीएम मोदी से अपील की है कि केंद्र सरकार इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्रियों की एक संयुक्त बैठक बुलाए ताकि एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया जा सके।
दिल्ली के 20 लाख व्यापारी सरकार के साथ
सीटीआई के उपाध्यक्ष राजेश खन्ना और राहुल अदलखा ने कहा कि दिल्ली के 20 लाख व्यापारी सरकार के हर कदम का समर्थन करेंगे। हम चाहते हैं कि दिल्ली-एनसीआर की हवा साफ हो, लोग सुरक्षित रहें और व्यापार भी फिर से रफ्तार पकड़े। एनसीआर से आने वाले खरीदारों की संख्या 4 लाख से घटकर 1 लाख रह गई। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने चिंता जताते हुए कहा कि दिल्ली के व्यापार को रोजाना 100 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
डॉक्टरों के पास बढ़े सांस के मरीज
दिल्ली के अस्पतालों में डॉक्टरों के पास श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग यथासंभव घरों में रहें और एन95 मास्क का इस्तेमाल करें।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
