दिल्ली

महिलाओं के लिए 'अनसेफ' दिल्ली ! वारदातें ऐसी कि दरिंदगी भी कांप जाएं,डराएंगे अपराध और हादसों के ये नंबर

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jan 2, 2023, 04:35 PM IST

Delhi Accident Kanjhawala latest Update: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2021 के आंकड़ों के अनुसार देश के सभी मेट्रोपोलिटन शहरों में सबसे ज्यादा महिलाओं के खिलाफ अपराध दिल्ली में होते हैं। साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में 40 फीसदी इजाफा हुआ था।

Delhi Accident Kanjhawala latest Update:दिल्ली में एक बार फिर एक बेटी दरिंदों का शिकार हो गई। दरिंदगी ऐसी कि खुद दरिंदगी की भी रूह कांप जाएं। सुल्तानपुरी के कंझावला इलाके में तड़के सुबह 4 बजे के करीब बेटी का जब शव मिला तो उसी समय पुलिस को यह तो समझ आ गया होगा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं है। और हुआ भी वहीं, जब सीसीटीवी फुटेज सामने आई तो दरिंदगी का वह रूप सामने आया, जिसकी कल्पना ही रोंगटे खड़ा कर देती हैं। जानकारी के अनुसार स्कूटी सवार लड़की का जब कार से एक्सीडेंट हुआ तो उसके बाद उसे 4-5 किलोमीटर तक कार घसीटती रही। इस दौरान लड़की के शरीर से कपड़े फटकर हट गए और उसने कराहते हुए दम तोड़ दिया।

सवाल यह उठता है कि अगर यह एक्सीडेंट है, तो कार में सवाल बैठे लोग इतने हैवान कैसे हो सकते हैं कि लड़की को 4-5 किलोमीटर तक घसीटते चले गए। और उनका यह मासूम दावा कि उन्हें पता ही नहीं चला कि कार में लड़की फंस गई है। यह किसी भी आम इंसान के लिए स्वीकार करना संभव नहीं है। इसी वजह से लोगों में आक्रोश है। और वह पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही यह कह रहे हैं कि दिल्ली में बेटियां अनसेफ क्यों हैं। सवाल इसलिए क्योंकि न केवल दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। बल्कि अकेले 2021 में 100 महिलाएं सड़क हादसे में अपनी जान गंवा चुकी हैं।

दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2021 के आंकड़ों के अनुसार देश के सभी मेट्रोपोलिटन शहरों में सबसे ज्यादा महिलाओं के खिलाफ अपराध दिल्ली में होते हैं। साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में 40 फीसदी इजाफा हुआ था। इस दौरान कुल 13,892 केस दर्ज हुए थे। जबकि 2020 में यह आंकड़ा 9782 था। जो कि कुल केस का करीब 19 फीसदी है। वहीं अगर दूसरे बड़े शहरों की तुलना की जाय तो साल 2021 में मुंबई में 5,543 और बंगलुरू में 3,127 केस सामने आए थे।

सड़क दुर्घटना में दिल्ली दूसरे नंबर

10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में सड़क हादसों को देखा जाय तो यहां भी दिल्ली के दूसरे नंबर पर है। MORTH की रिपोर्ट के अनुसार 2021 में दिल्ली में 4720 हादसे हुए। वहीं पहले नंबर पर चेन्नई में 5034 हादसे हुए थे। यहीं नहीं साल 2021 में 100 महिलाओं को केवल सड़क हादसे में अपनी जान गंवानी पड़ी।

महिला आयोग में 3000 शिकायतें

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)के पास पहुंची शिकायतों को देखा जाय तो, 2022 में देश में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों को 30,957 शिकायतें मिलीं, जो 2014 के बाद सबसे ज्यादा हैं। इसमें से 3004 शिकायतें दिल्ली से आई हैं। जबकि महाराष्ट्र से 1,381, बिहार से 1,368 और हरियाणा से 1,362 शिकायतें मिलीं हैं। सबसे ज्यादा 54.5 फीसदी यानी 16,872 शिकायतें उत्तर प्रदेश से मिली हैं।

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प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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