दिल्ली

जल्दी दिल्ली में 400 साल पुराना मुगल काल में बना पुल देखेंगे आप, ASI कर रहा रिस्टोरेशन का काम

दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों की सूची में जल्द ही एक नया नाम जोड़ने वाला है। हाल ही में ASI ने इस स्थान की रिस्टोरेशन का कार्य शुरू किया है। इस स्थान पुनर्जीवित होने के बाद हुमायूं टॉम्ब और निजामुद्दीन दरगाह को जोड़ने का कार्य करेगा।

Image

ASI कर रहा रिस्टोरेशन का काम

दिल्ली में कई ऐतिहासिक स्थल हैं। ये ऐतिहासिक स्थल मुगल काल से लेकर ब्रिटिश काल तक कई किस्से और कहानियों बयान करते हैं। इस बीच दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों की लिस्ट में एक और स्थान का नाम जुड़ने वाला है। बता दें कि ये स्थल जंगपुरा निजामुद्दीन स्टेशन के पास स्थित है और मुगलकालीन इतिहास का परिचय देता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण- ASI इसके रिस्टोरेशन का कार्य कर रहा है। बताया जा रहा है कि अगले साल तक स्मारक के रिस्टोरेशन का कार्य पूरा हो जाएगा और इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस मुगलकालीन स्मारक के खुलने के बाद मुगल काल के इतिहास में एक और पन्ना शामिल हो जाएगा।

दिल्ली की विरासत में जुड़ा एक और स्मारक का नाम

जानकारी के लिए बता दें कि निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के पास स्थित मुगल-काल का ये स्थल 400 साल पुराना बारापुला पुल है। अतिक्रमण के कारण इस पुल के पास आम जनता का आना-जाना प्रतिबंधित था। लेकिन अब एएसआई ने इस स्थान को उसका पुराना गौरव देने की तैयारी कर ली है। स्थान का गौरव बहाल करने के लिए ASI ने रिस्टोरेशन का कार्य शुरू किया है। इससे पर्यटकों को दिल्ली की एक और ऐतिहासिक विरासत के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

बारापुला पुल के 2 किमी के बीच अन्य ऐतिहासिक स्मारक

बता दें कि दिल्ली की ऐतिहासिक स्मारकें घुमने का शौक रखने वाले पर्यटक बारापुरा पुल के 2 किमी के दायरे में हुमायूं टॉम्ब, हजरत निजामुद्दीन दरगाह, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना के मकबरा भी घुम सकते हैं। यहां यूं कहें कि इन स्मारकों को देखने के साथ आप अब बारापुला पुल भी देख पाएंगे। इस पुल को जहांगीर के शासनकाल में बनाया गया था। एएसआई के एक अधिकारी ने बताया कि ये पुल पहले अतिक्रमण और अवरुद्ध नाले के कारण आई बाढ़ में छिपा हुआ था। लेकिन इस ऐतिहासिक स्थान का पुराना गौरव बहाल करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद एएसआई एक्शन मोड में आया और पुल का रिस्टोरेशन कार्य शुरू किया गया।

बारापुला का समृद्ध इतिहास

दिल्ली के अन्य ऐतिहासिक स्मारकों और स्थानों के जैसे ही बारापुला पुल का भी एक समृद्ध इतिहास है। इतिहासकारों का कहना है कि इस पुल का निर्माण मुगल सम्राट जहांगीर के शासनकाल में किया गया था। यानी की 1612 और 1613 के बीच। लेकिन एएसआई रिकॉर्ड के आधार पर बात करें तो इसका निर्माण 1621-22 के दौरान हुआ होगा।

इन दो ऐतिहासिक इमारतों को जोड़ने के लिए किया गया पुल का निर्माण

बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण हुमायूं के मकबरे और निजामुद्दीन दरगाह को जोड़ने के लिए किया गया था। साथ ही पुल को इस प्रकार डिजाइन किया गया था कि इससे आगरा की यात्रा भी सुविधाजनक हो सके। एएसआई के रिस्टोरेशन से इस ऐतिहासिक स्थल को पुनर्जीवित किया जाएगा और लोगों के लिए खोला जाएगा।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article