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Delhi: दिल्ली पुलिस MCD से मांगेगी असुरक्षित इमारतों की सूची, नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया फैसला

Delhi: दिल्ली के वेलकम इलाके में बीते दिनों चार मंजिला इमारत के ढहने में 7 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। इस हादसे के बाद दिल्ली पुलिस असुरक्षित इमारतों को सूची एमसीडी से मांगने वाली है। ताकि वेलकम जैसे हादसे से बचा जा सके।

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दिल्ली पुलिस MCD से मांगेगी असुरक्षित इमारतों की सूची (फोटो- iStock)

Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में इमारत ढहने की घटना के बाद, दिल्ली पुलिस जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों से असुरक्षित इमारतों की विस्तृत सूची मांगेगी। बता दें कि इमारत ढहने की इस घटना में 7 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद से असुरक्षित इमारतों की पहचान कर उन्हें खाली करवाया जाएगा, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके और जनहानि न हो। यह कदम निवासियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उठाया गया है, खासकर मानसून के मौसम में इमारतों के ढहने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

असुरक्षित इमारतों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि असुरक्षित या रहने के लिए अनुपयुक्त मानी जाने वाली इमारतों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) के साथ समन्वय शुरू किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, "यह डेटा पुलिस को शहर भर में संवेदनशील संरचनाओं पर कड़ी नजर रखने और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में मदद करेगा।"

पुलिस MCD से जर्जर और खतरनाक इमारतों की सूची मांगेगी

पुलिस औपचारिक रूप से एमसीडी को पत्र लिखकर जर्जर या खतरनाक इमारतों की विस्तृत सूची मांगेगी। इस सूची के आधार पर, जिला-स्तरीय पुलिस दल इन इमारतों की निगरानी करेंगे और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगे। यह पहल रविवार को वेलकम क्षेत्र में एक चार मंजिला इमारत के ढहने की घटना के बाद शुरू की गई है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित सात लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

पुलिस के जवान करेंगे इलाकों का सर्वेक्षण

एमसीडी संरचनात्मक स्थिरता की खातिर भवनों के प्रमाणन के लिए जिम्मेदार है। निगम नियमित रूप से उन संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी करता है जिनके परिसर निरीक्षण के बाद असुरक्षित पाए जाते हैं। अधिकारी ने कहा, "हालांकि, वैकल्पिक आवास के अभाव या लापरवाही के कारण ऐसी कई इमारतों में लोग अब भी रह रहे हैं। बरसात के मौसम में, इनके ढहने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि पानी के रिसाव से नींव कमजोर हो जाती है, खासकर पुराने या अनधिकृत निर्माणों में।"

अधिकारी ने कहा, "आने वाले दिनों में, पुलिस के जवान अपने-अपने इलाकों का सर्वेक्षण करेंगे और स्पष्ट रूप से क्षतिग्रस्त या जर्जर संरचनाओं का पता लगाएंगे। आसन्न खतरे की स्थिति में, पुलिस आपदा प्रतिक्रिया टीमों और एमसीडी के साथ समन्वय करेगी।"

(इनपुट - भाषा)

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Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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