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फिलहाल दिल्ली में भूल जाएं तंदूरी रोटी और टिक्का, GRAP-1 लागू होने के बाद ये काम बंद

दिल्ली में AQI खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-1 लागू कर दिया गया है। तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल, खुले में कूड़ा जलाने और प्रदूषण फैलाने पर पाबंदियां लगाई गई हैं। चलिए जानते हैं राजधानी में और क्या-क्या पाबंदियां लगी हैं।

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दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, GRAP-1 लागू, तंदूर पर पाबंदी

दिल्ली में वायु प्रदूषण (Delhi Air Pollution) बढ़ने के साथ ही ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण यानी GRAP-1 लागू कर दिया गया है। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाने-पीने की चीजें बेचने वाली दुकानों में कोयले और लकड़ी के तंदूर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में अगर आप बाहर तंदूरी रोटी, टिक्का या तंदूर पर बने दूसरे व्यंजनों का स्वाद लेने की योजना बना रहे हैं, तो फिलहाल आपको कुछ और विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं। इसके अलावा कूड़ा, सूखी पत्तियां और अन्य अपशिष्ट खुले में जलाने पर भी प्रतिबंध है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 20 अक्टूबर को 179 यानी मध्यम श्रेणी में था। 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 244 पर पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण में इस बढ़ोतरी के बाद GRAP-1 के तहत उपाय लागू किए गए हैं।

दिल्ली में GRAP-1 के तहत क्या-क्या पाबंदियां?

GRAP-1 का मकसद प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर नियंत्रण लगाकर हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना है। इसके तहत दिल्ली-NCR में कई कदम उठाए जा रहे हैं।

  • तंदूर पर रोक : होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और खुले भोजनालयों में खाना पकाने के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। बिजली, गैस और अन्य स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध : कचरा, सूखी पत्तियां और अन्य अपशिष्ट खुले में नहीं जलाए जा सकते।
  • निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण : निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल रोकने के उपाय अनिवार्य हैं। 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत डस्ट मैनेजमेंट प्लान जरूरी है।
  • डीजल जनरेटर पर पाबंदी : आपातकालीन और जरूरी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू हैं।
  • प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई : प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर जुर्माना या जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।
  • ट्रैफिक प्रबंधन : प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती और रेड लाइट पर इंजन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर लागू प्रतिबंध भी जारी हैं। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित ताप विद्युत संयंत्रों पर भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

प्रदूषण की शिकायत कहां करें?

लोग प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं की शिकायत Green Delhi App, SAMEER App या 311 हेल्पलाइन के जरिए कर सकते हैं। वाहन चालकों को रेड लाइट पर इंजन बंद रखने और अनावश्यक रूप से वाहन चालू नहीं रखने की सलाह दी गई है।

नवंबर से लागू होगा विंटर एक्शन प्लान

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक विंटर एक्शन प्लान लागू करने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, इसमें निर्माण स्थलों की निगरानी, AI आधारित मॉनिटरिंग, 50 फीसद वर्क फ्रॉम होम और दफ्तरों के समय में बदलाव जैसे उपाय शामिल हैं। इलेक्ट्रिक बसों, मेट्रो, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और कारपूलिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

इस बीच, बुधवार 21 अक्टूबर को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री और आज यानी गुरुवार 22 अक्टूबर को 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। GRAP-1 के तहत लागू उपायों का मकसद प्रदूषण को नियंत्रित करना और आने वाले सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्ता को बिगड़ने से रोकना है। आज दोपहर 1.31 बजे दिल्ली का AQI 163 था।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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