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दिल्ली से झारखंड तक फैले हेरोइन सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार, 60 करोड़ की ड्रग्स बरामद

दिल्ली पुलिस ने चार राज्यों में फैले हेरोइन सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से 60 करोड़ की हेरोइन, नकदी, गाड़ियां और फैक्ट्री का सामान जब्त किया गया है।

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दिल्ली पुलिस ने पकड़ा बड़ा ड्रग्स रैकेट

Delhi Police के रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक फैले हेरोइन सप्लाई नेटवर्क (Drugs Network) का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 8.128 किलो हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, 12.81 लाख रुपये नकद, तीन एसयूवी और एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल भी जब्त की है। जांच में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हेरोइन बनाने की फैक्ट्री और झारखंड के नक्सल प्रभावित चतरा जिले में अफीम की खेती का भी खुलासा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक, रोहिणी जिले में नशीले पदार्थों की सप्लाई और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें बनाई गई थीं। इसी दौरान 16 सितंबर को पुलिस को बेगमपुर इलाके में हेरोइन की सप्लाई की सूचना मिली। पुलिस टीम ने सेक्टर-32 में जाल बिछाकर सुजुकी ग्रैंड विटारा कार में पहुंचे लक्ष्मण हुड्डा को गिरफ्तार किया। उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद हुए। कार भी जब्त कर ली गई।

12 मामलों में शामिल आरोपी भी गिरफ्तार

लक्ष्मण से पूछताछ के बाद पुलिस ने 17 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत से अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया। वह महिंद्रा एक्सयूवी-700 में हेरोइन लेकर जा रहा था। उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, अनिल पहले भी 12 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज एनडीपीएस मामले में अंतरिम जमानत मिलने के बाद जेल वापस नहीं लौटा था। बाद में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।

दोनों आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस को हेरोइन बनाने के ठिकाने का सुराग मिला। इसके बाद 4 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी में छापा मारा गया। यहां पुलिस ने बबलू को गिरफ्तार किया। मौके से 6.275 किलो तैयार हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला 2.504 किलो सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और अन्य सामान मिला।

फैक्ट्री के मालिक सहित कच्चा माल सप्लाई करने वाले गिरफ्तार

बबलू से पूछताछ के बाद पुलिस ने हेरोइन बनाने की फैक्ट्री के मुख्य सप्लायर और मालिक बताए जा रहे रुकसार अली उर्फ राजू को उत्तर प्रदेश के बरेली से गिरफ्तार किया। इसके बाद 6 अक्टूबर को बरेली से ही अजाज अहमद को पकड़ा गया। पुलिस का आरोप है कि अजाज हेरोइन बनाने के लिए रुकसार को कच्ची अफीम सप्लाई करता था। उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन और एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल बरामद हुई।

ड्रग्स रैकेट से जब्त किए गए रुपये

ड्रग्स रैकेट से जब्त किए गए रुपये

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने 16 अक्टूबर को बदायूं से मोहम्मद अजहर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 551 ग्राम हेरोइन, 9 लाख, 81 हजार, 700 रुपये नकद और एक हुंडई क्रेटा कार बरामद हुई। पुलिस का कहना है कि अजहर, अजाज अहमद को हेरोइन और कच्ची अफीम सप्लाई करता था।

नक्सल प्रभावित चतरा में अफीम की खेती!

पुलिस की जांच झारखंड के चतरा जिले तक पहुंची। यह इलाका नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। यहां से 18 अक्टूबर को प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, वह अपनी कृषि भूमि पर अवैध रूप से अफीम की खेती करता था और पहले गिरफ्तार आरोपियों को कच्ची अफीम सप्लाई करता था।

पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले लोगों से लेकर हेरोइन बनाने और उसके लिए कच्चा माल जुटाने वालों तक के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोपियों के पास से कुल 8.128 किलो हेरोइन बरामद की गई है। इसके अलावा 12 लाख, 81 हजार, 700 रुपये नकद, तीन एसयूवी, एक मोटरसाइकिल और हेरोइन बनाने का सामान जब्त किया गया है।

रोहिणी जिला पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई की बाकी कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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