Lung Health Tips in Winter: अक्टूबर के आखिरी दिनों में सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। कई शहरों में धुंध के साथ वायु प्रदूषण भी चिंता बढ़ा रहा है। खासकर दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान खराब हवा से सांस की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि मौसम ज्यादा खराब होने का इंतजार न किया जाए। अभी से कुछ अच्छी आदतें अपनाकर फेफड़ों पर पड़ने वाले प्रदूषण के असर को कम किया जा सकता है।
सुबह टहलने निकलते समय हवा में हल्की धुंध दिखे तो अक्सर लोग इसे मौसम बदलने का संकेत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर धुंध सिर्फ कोहरा नहीं होती। कई बार हवा में मौजूद धूल, धुआं और बारीक प्रदूषक कण भी दृश्यता कम कर सकते हैं। ठंड के मौसम में हवा की कुछ स्थितियां प्रदूषकों को जमीन के करीब रोक सकती हैं। इससे सांस के जरिए हानिकारक कण शरीर में पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या सीओपीडी जैसी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को हो सकती है। हालांकि, खराब हवा स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकती है। अच्छी बात यह है कि कुछ सावधानियां अपनाकर प्रदूषण के संपर्क को कम किया जा सकता है।
1. सुबह की सैर का समय बदलें, पहले AQI चेक करें
सर्दियों में सुबह-सुबह टहलना कई लोगों की आदत होती है। लेकिन अगर बाहर की हवा खराब है तो सुबह की सैर फायदे के बजाय परेशानी बढ़ा सकती है। घर से निकलने से पहले अपने इलाके का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI जरूर देखें। हवा बहुत खराब होने पर बाहर दौड़ने, तेज चलने या भारी एक्सरसाइज करने के बजाय घर के अंदर व्यायाम करें। केवल समय बदलना काफी नहीं है, क्योंकि प्रदूषण का स्तर दिनभर बदल सकता है।
2. घर की हवा को भी साफ रखने की कोशिश करें
प्रदूषण से बचने के लिए सिर्फ बाहर मास्क पहनना काफी नहीं है। घर के अंदर भी धूल, अगरबत्ती, धूप, मोमबत्ती और कुकिंग से निकलने वाला धुआं हवा खराब कर सकता है। प्रदूषण ज्यादा होने पर खिड़कियां बंद रखें और घर में धुआं पैदा करने वाली चीजों का इस्तेमाल कम करें। जरूरत और बजट के अनुसार सही आकार का HEPA एयर प्यूरीफायर भी मददगार हो सकता है। हालांकि, घर में ताजी हवा का आना भी जरूरी है, इसलिए वेंटिलेशन का फैसला बाहर की हवा की गुणवत्ता देखकर करें।
3. बाहर निकलते समय सही मास्क पहनें
साधारण कपड़े का मास्क या रूमाल बारीक प्रदूषक कणों से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देता। जब AQI खराब हो और बाहर जाना जरूरी हो, तो अच्छी फिटिंग वाला N95 या समकक्ष रेस्पिरेटर उपयोगी हो सकता है। मास्क नाक और मुंह को अच्छी तरह ढकना चाहिए। किनारों से हवा अंदर आ रही है तो उसकी सुरक्षा कम हो जाती है। छोटे बच्चों के लिए मास्क की फिटिंग और उम्र के अनुसार उपयुक्तता का विशेष ध्यान रखें।
4. फेफड़ों की सेहत के लिए रोजाना एक्टिव रहें
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक गतिविधि जरूरी है। नियमित चलना, हल्की कार्डियो एक्सरसाइज और अपनी क्षमता के अनुसार योग शरीर की फिटनेस और सांस लेने वाली मांसपेशियों को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। लेकिन खराब हवा में बाहर तेज व्यायाम करने से प्रदूषक कण ज्यादा मात्रा में सांस के साथ अंदर जा सकते हैं। इसलिए AQI खराब होने पर घर के अंदर एक्सरसाइज करना बेहतर विकल्प है। प्राणायाम को प्रदूषण से फेफड़ों की सफाई करने का तरीका न समझें।
5. खाने में शामिल करें एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें
सर्दियों में फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखने के लिए संतुलित खानपान भी जरूरी है। अपनी डाइट में आंवला, अमरूद, संतरा, गाजर, टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जियां और नट्स शामिल कर सकते हैं। इनमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखने में मदद करते हैं। हालांकि, किसी एक फल, जूस या घरेलू नुस्खे से फेफड़ों में जमा प्रदूषण साफ होने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए खानपान के साथ प्रदूषण से बचाव भी जरूरी है।
6. पानी पीना कम न करें, धूम्रपान से दूरी रखें
ठंड बढ़ने पर अक्सर प्यास कम लगती है और लोग पानी पीना घटा देते हैं। शरीर में पर्याप्त पानी बनाए रखना जरूरी है। इससे गले और श्वसन मार्ग में मौजूद बलगम को सामान्य बनाए रखने में मदद मिलती है। दिनभर अपनी जरूरत के अनुसार पानी पिएं। साथ ही सिगरेट, बीड़ी और दूसरों के धूम्रपान से निकलने वाले धुएं से भी दूर रहें। यह फेफड़ों में जलन और सांस की परेशानियों को बढ़ा सकता है।
7. अस्थमा के मरीज अभी से तैयार रखें अपनी दवाएं
जिन लोगों को पहले से अस्थमा, सीओपीडी या सांस की दूसरी बीमारी है, उन्हें मौसम बदलने से पहले अपनी दवाओं और इनहेलर की जांच कर लेनी चाहिए। डॉक्टर ने जो दवाएं दी हैं, उन्हें नियमित रूप से लें। बिना सलाह के इनहेलर बंद न करें। अगर ठंड या प्रदूषण के कारण खांसी, सीने में जकड़न या सांस फूलने की शिकायत बढ़ रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
