Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के तहत आज यानी गुरुवार 22 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया। राज्य के 16 जिलों की 104 पंचायत समितियों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए वोट डाले जा रहे हैं। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। गांव की सरकार चुनने के लिए करीब 85 लाख ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
राज्यभर में मतदान के लिए लगभग 9800 से ज्यादा केंद्र बनाए गए हैं। सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिल रही हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 6900 से अधिक प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। मतदान के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
जयपुर की 8 पंचायत समितियों में भी मतदान
राजधानी जयपुर में भी आज पंचायती राज चुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह है। जिले की 8 पंचायत समितियों के 168 वार्डों में मतदान जारी है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के बीच वोटिंग कराई जा रही है।
इस चुनाव में ग्रामीण मतदाता स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं और अपने क्षेत्र के प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव कर रहे हैं। हालांकि, मतदाताओं की प्राथमिकताएं क्षेत्र और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।
जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए अलग-अलग वोट
मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर दोनों पदों के चुनाव के लिए दो-दो वोटिंग मशीनें लगाई गई हैं। इससे मतदाता जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के लिए अलग-अलग मतदान कर सकते हैं।
पंचायती राज व्यवस्था में जिला परिषद और पंचायत समिति ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और स्थानीय प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके प्रतिनिधियों के जरिए गांवों और पंचायत समितियों से जुड़े विकास कार्यों तथा स्थानीय जरूरतों को जिला स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
आगे सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के इस चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव भी होंगे। इन पदों के लिए मतदान मतपत्र के जरिए कराया जाएगा।
पहले चरण के मतदान के बाद चुनाव प्रक्रिया के अगले चरणों पर नजर रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिनिधियों के चयन को लेकर यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है।
