दिल्ली में होगा देश का सबसे बड़ा ई-बस बेड़ा, 3300 बसों के लिए सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव
- Curated by: Nishant Tiwari
- Updated Jan 12, 2026, 03:05 PM IST
दिल्ली सरकार राजधानी में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की तैयारी कर रही है। केंद्र की CESL को भेजे गए प्रस्ताव के तहत 3,300 नई लो-फ्लोर, एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही दिल्ली के बेड़े में शामिल की जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य दिल्ली को दुनिया के सबसे बड़े और स्वच्छ इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क का हिस्सा बनाना है
3300 नई ई-बसें लाने की तैयारी में दिल्ली सरकार (AI Image)
Delhi News: दिल्ली सरकार राजधानी में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने केंद्र की Convergence Energy Services Limited (CESL) को 3,300 नई लो-फ्लोर, एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसों की तत्काल खरीद का प्रस्ताव भेजा है। इसके साथ ही दिल्ली को दुनिया के सबसे बड़े और स्वच्छ इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
PM E-DRIVE योजना के तहत बढ़ेगा बसों का कोटा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में CESL के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में PM E-DRIVE योजना (फेज-2) के तहत दिल्ली के लिए अतिरिक्त बसों के आवंटन पर सहमति बनी। यह योजना केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके तहत चार्जिंग स्टेशन और फास्ट चार्जर की व्यवस्था में भी केंद्र राज्यों की मदद करता है।
संकरी गलियों से लेकर मेन रोड तक कनेक्टिविटी
दिल्ली सरकार ने शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार की बसों की मांग की है। प्रस्ताव के अनुसार 500 बसें (7 मीटर) संकरी गलियों और लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए, 2,330 बसें (9 मीटर) फीडर सेवाओं के रूप में और 500 बसें (12 मीटर) मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर पर चलाई जाएंगी। इस पहल से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।
सब्सिडी में अड़चन आई तो खुद खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यदि केंद्र की सब्सिडी प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी अड़चन आती है, तो दिल्ली सरकार खुद खर्च वहन करने के लिए भी तैयार है, ताकि बसों की खरीद में देरी न हो। लो-फ्लोर डिजाइन वाली ये बसें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। सरकार का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन से लोग निजी गाड़ियों की बजाय बसों का विकल्प चुनेंगे।
तेजी से बढ़ रहा दिल्ली का बस बेड़ा
फिलहाल दिल्ली में कुल 5,335 बसें हैं, जिनमें 3,535 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। PM E-DRIVE (फेज-1) के तहत 2,800 बसें शामिल होने के बाद यह संख्या 10,430 हो जाएगी। वहीं, फेज-2 में प्रस्तावित 3,300 से ज्यादा बसों के शामिल होने से कुल बेड़ा बढ़कर लगभग 13,760 तक पहुंच जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक 7,500 और अगले दो वर्षों में 11,000 बसें सड़क पर उतारने का है।
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