12 किमी लंबा वन्यजीव कॉरिडोर
इस छह लेन एक्सप्रेसवे की लंबाई 213 किलोमीटर है। जिसे भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तैयार किया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को कनेक्ट करेगा। इस प्रोजेक्ट की एक खास बात ये है कि इसमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक माना जा रहा है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों और वाहनों के बीच कोई टकराव की संभावना न हो और पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कहां से लगेगा टोल
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर टोल टेक्स की बात करें तो दिल्ली से बागपत के खेकड़ा तक वाहन चालकों को कोई टोल नहीं देना होगा। यानी लोग बिना शुल्क दिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। हालांकि खेकड़ा से आगे बढ़ने पर काठा टोल से आगे अक्षरधाम मंदिर NH-9 से शुल्क लगना शुरू हो जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियत
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हाई स्पीड कनेक्टिविटी के लिए 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज, चार बड़े पुल और सड़क किनारे 12 जनसुविधाएं विकसित की गई हैं। यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर ट्रैफिक संचालन के लिए इसमें एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है।
इसके अलावा वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ पशु मार्ग, 200 मीटर के दो हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी बनाई गई है।
जाम से मिलेगी बड़ी राहत
एक्सप्रेसवे के शुरू होने दिल्ली के कई इलाकों में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी। पहले पुश्ता रोड पर भारी ट्रैफिक के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब इसे एक्सप्रेसवे में बदल दिया गया है। यह रास्ता अक्षरधाम के पास NH-9 से शुरू होकर शकरपुर, गीता कॉलोनी, गांधी नगर, शास्त्री पार्क, खजूरी चौक, लोनी बॉर्डर से होते हुए देहरादून तक जाता है। गीता कॉलोनी से दिल्ली की सीमा में आगे का हिस्सा एलिवेटेड है, जिससे ट्रैफिक बिना रुके आगे बढ़ सकेगा।
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