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Delhi Dehradun Expressway: कैसा बना है कल शुरू होने वाला ये Dhurandhar Expressway, देखें वीडियो

Expressway और वो भी Dhurandhar. ये कारनामा तो सिर्फ NHAI ही कर सकता है। एक ऐसा एक्सप्रेसवे जिस पर पहुंचकर एक्सलेटर पर पांव रखते ही आप मसूरी की वादियों तक पहुंच जाएंगे। देखें वीडियो -

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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे की खास बातें यहां जानें

Delhi-Dehradun Expressway, एक्सप्रेसवे का धुरंधर : हाल ही में रिलीज हुई फिल्म Dhurandhar: The Revenge का खुमार पूरे देश के साथ ही NHAI पर भी चढ़ गया है। यही कारण है कि NHAI ने दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून हाईवे के वीडियो में इस फिल्म के टाइटल सॉन्ग को इस्तेमाल किया गया है। बता दें कि दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून हाईवे कुछ और नहीं बल्कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (DDEC) ही है, जिसे कई लोग दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी कहते हैं। इसलिए अलग-अलग नामों को लेकर बिल्कुल भी कंफ्यूज न हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी मंगलवार 14 अप्रैल को DDEC का उद्घाटन करने वाले हैं। चलिए देखते हैं NHAI का वीडियो और जानते हैं इस एक्सप्रेसवे की खूबियां -

NHAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह वीडियो पोस्ट किया है। इसके साथ ही लिखा है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तराखंड के बीच की यात्रा को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। यह कॉरिडोर क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नए आयाम देगा। शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों के ट्रैफिक से दूर यह कॉरिडोर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, प्रदूषण कम करने में मदद करेगा और पूरे क्षेत्र में बैलेंस, सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देगा।

अगर आपने वीडियो गौर से देखा हो तो इसके बीच-बीच में Delhi Dehradun Economic Corridor की खूबियां भी गिनाई गई हैं। वीडियो में बताया गया है कि इस कॉरिडोर पर पिलर बेस्ड एलिवेटेड डिजाइन का इस्तेमाल करके एलिवेटेड सेक्शन को बनाया गया है। री-सेटलमेंट, री-हैबिलिटेशन प्लान के अलावा 60+ बस शेल्टर, 5 बस बेज, 35 जंक्शन और 5 फुटओवर ब्रिज भी इस कॉरिडोर पर बनाए गए हैं। वीडियो के अंत में इसे इंजीनियरिंग मार्वल भी बताया गया है।

210 किमी और ढाई घंटे की दूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी मंगलवार 14 नवंबर को Delhi-Dehradun Expressway का उद्घाटन करेंगे। इस दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के खुल जाने से दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र 210 किमी रह जाएगी। बड़ी बात ये है कि इस दूरी को आप फर्राटा मारते हुए मात्र ढाई घंटे में तय कर सकते हैं। इस कॉरिडोर के खुल जाने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

DDEC road

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर फर्राटा मारने की करें तैयारी

12000 करोड़ में बना पूरा कॉरिडोर

यह रूट सिर्फ दिल्ली और देहरादून जैसे शहरों को ही आपस में कनेक्ट नहीं करेगा। बल्कि इसका उद्देश्य और भी बड़ा है। यही कारण है, यह एक्सप्रेसवे नहीं दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi Dehradun Economic Corridor यानी DDEC) है। इस परियोजना को बनाने में लगभग 12000 करोड़ रुपये का खर्च आया है।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का पूरा रूट

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की शुरुआत पूर्वी दिल्ली में पांडव नगर और अक्षरधाम के पास से होती है। यह कॉरिडोर गीता कॉलोनी, लोनी, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर, गणेशपुर और डाट काली मंदिर से होकर देहरादून के आशारोड़ी चौक तक जाता है। यह 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर है, जहां वाहनों की एवरेज स्पीड 100 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जिससे यात्रा तेज और सुगम बनेगी।

ये बातें कॉरिडोर को खास बनाती हैं

यह परियोजना कई मायनों में खास है, क्योंकि इससे दिल्ली से मसूरी तक का सफर करीब ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। राजाजी नेशनल पार्क में बना 12 किमी लंबा एलिवेटेड सेक्शन इसकी सबसे बड़ी खासियत है, जो एशिया का सबसे बड़ा एनिमल कॉरिडोर माना जाता है। इसमें ऊपर से वाहन गुजरेंगे और नीचे जानवरों को किसी तरह की समस्या नहीं होगी। साथ ही, शोर को कम करने के लिए साउंड बैरियर भी लगाए गए हैं। पूरे मार्ग पर पुल, इंटरचेंज और यात्री सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

एलिफेंट अंडरपास और कनेक्टिविटी

राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए 200 मीटर लंबे दो एलिफेंट अंडरपास बनाए गए हैं। इसके अलावा 6 विशेष एनिमल क्रॉसिंग्स तैयार की गई हैं, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस परियोजना में हरिद्वार के लिए एक स्पर रोड भी जोड़ी जा रही है, जिससे चारधाम हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और धार्मिक यात्राएं आसान होंगी।

टोल और भुगतान व्यवस्था

यह कॉरिडोर मंगलवार 14 अप्रैल से आम जनता के लिए खुल जाएगा। कार या एसयूवी से यात्रा करने पर एक तरफ का टोल 675 रुपये होगा, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर कुल टोल 1010 रुपये देना होगा। दिल्ली में अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक 18 किमी का हिस्सा टोल फ्री रखा गया है। पहला टोल प्लाजा लोनी बॉर्डर के पास उत्तर प्रदेश में स्थित है और पूरे मार्ग पर टोल वसूली FASTag के जरिए स्वचालित होगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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