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दिल्ली बनेगी 'Electric Bus Capital', अगले 3 साल में 100% इलेक्ट्रिक होगा सरकारी बसों का बेड़ा; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा एलान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली जल्द ही देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसों वाला राज्य बनेगा। 500 नई ईवी बसों की शुरुआत के साथ राजधानी में प्रदूषण-मुक्त परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक बसों की संख्या 7,700 और 2028 तक 11,000 करना है, जिनमें अधिकांश इलेक्ट्रिक होंगी। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशन, नए बस डिपो और मेट्रो और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को भी तेजी से मजबूत किया जा रहा है।

500 EV buses launch Delhi

दिल्ली में होगा देश का सबसे बड़ा इ-बस का बेड़ा (PTI)

Photo : PTI

Delhi News: दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी जल्द ही ऐसा राज्य बनेगी, जहां सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में 500 इलेक्ट्रिक बसों के शुभारंभ से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर दिल्लीवासियों का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार पर जनता के भरोसे के कारण ही विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार साल के 365 दिन जनता के हित में काम कर रही है, और इसका असर अब सार्वजनिक परिवहन में साफ दिखाई देने लगा है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 500 इलेक्ट्रिक बसों और दिल्ली–पानीपत इंटर-स्टेट बस सेवा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहेंगी।

मिशन 2028 और बसों का नया लक्ष्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के बस बेड़े के विस्तार को लेकर एक योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में लगभग 3,600 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं और पिछले एक साल में ही बेड़े में 1,700 नई बसें जोड़ी गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 के अंत तक बसों की यह कुल संख्या 7,700 तक पहुंचा दी जाए। मुख्यमंत्री ने एक बड़ा लक्ष्य साझा करते हुए बताया कि साल 2028 तक दिल्ली में कुल 11,000 बसें होंगी, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी।

तीन साल में 100 फीसदी प्रदूषण मुक्त परिवहन

दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों के भीतर दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन की 100 प्रतिशत बसों को प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक बेड़े में बदल दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि 11,000 इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इन बसों के रखरखाव और संचालन के लिए नए अत्याधुनिक बस डिपो और चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण राजधानी में युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

बजट में भारी बढ़ोतरी और बुनियादी ढांचा

इस विशाल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को दोगुना कर दिया है। अब दिल्ली के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल बसें ही नहीं, बल्कि मेट्रो के विस्तार और 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' को मजबूत करने के लिए ई-बाइक और ई-ऑटो जैसी परियोजनाओं को भी फंडिंग की मंजूरी दी जा चुकी है, जिससे दिल्ली का हर नागरिक सुरक्षित और सुलभ यात्रा कर सके।

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 Nishant Tiwari
Nishant Tiwari author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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