Delhi Budget 2026 Live Updates: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली का वार्षिक बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने इसे 'प्रगति और विश्वास' का दस्तावेज बताया। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र, निगम और राज्य की 'ट्रिपल इंजन' शक्ति के कारण दिल्ली में विकास की गति अभूतपूर्व रूप से तेज हुई है। यह बजट न सिर्फ पिछले साल के 1 लाख 3 हजार 700 करोड़ के ऐतिहासिक बजट से बड़ा है, बल्कि इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित विकास और शहरी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है। नीचे हैं बजट की मुख्य हाइलाइट्स।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि राजधानी के हर जिले में एक नया 'मिनी सचिवालय' (Mini Secretariat) बनाया जाएगा।
- इस वर्ष पर्यावरण के लिए 822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के 505 करोड़ के मुकाबले कहीं अधिक है। इस राशि का बड़ा हिस्सा नए वन क्षेत्र विकसित करने और पार्कों व गार्डन के सौंदर्यीकरण (25 करोड़ रुपये) पर खर्च होगा। इसके अतिरिक्त, प्रदूषण की रोकथाम के लिए 300 करोड़ रुपये का एक विशेष फंड अलग से बनाया गया है, जिसमें वर्ल्ड बैंक की तकनीकी और वित्तीय मदद भी ली जाएगी।
- शहर की स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए 1000 मॉडर्न शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, जिनके रखरखाव का पूरा खर्च सरकार खुद उठाएगी।
- किसी भी आपदा से निपटने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए जाएंगे, जो संकट के समय लोगों को त्वरित राहत पहुंचाएंगे। इसके साथ ही, दिल्ली आने वाले अतिथियों के लिए अब शहर का अपना राजकीय सदन भी तैयार किया जाएगा।
- इसके अलावा, सरकार ने सामाजिक समावेशन को ध्यान में रखते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय को भी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 202 करोड़ का आवंटन किया गया है।
- दिल्ली सरकार के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए कुल 12,645 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। साथ ही, नए 750 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने के लिए 1,500 करोड़ का बजट रखा गया है, जिससे आम नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
- इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और नए डिपो बनाने के लिए 320 करोड़ का बजट रखा गया है। दिल्ली सरकार ने नई ईवीसी पॉलिसी (EV Policy
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और नए डिपो बनाने हेतु 320 करोड़ का बजट रखा गया है। इन परियोजनाओं से दिल्ली में ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और राजधानी देश की अग्रणी ईवी हब के रूप में दिखाई देगी।
