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दिल्ली में भीख मांगना होगा मुश्किल, सरकार का मल्टी-लेयर एक्शन प्लान ऑन ग्राउंड; देश में कितने भिखारी?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक सिग्नलों और सड़कों पर भिक्षावृत्ति की समस्या से निपटने के लिए सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में साफ किया है कि इस चुनौती से निपटने के लिए एक व्यापक और बहु-स्तरीय रणनीति पर काम किया जा रहा है।

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भिखारी (फोटो-Istock)

दिल्ली में लगातार बढ़ती भिक्षावृत्ति पर एक्शन के संकेत मिल रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि दिल्ली पुलिस लगातार स्पेशल ड्राइव चला रही है। इन अभियानों के तहत खास तौर पर व्यस्त ट्रैफिक सिग्नलों और प्रमुख चौराहों को चिन्हित कर वहां से भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को हटाया जा रहा है, ताकि यातायात बाधित न हो और लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार की रणनीति सिर्फ हटाने तक सीमित नहीं है। संवेदनशील रेड लाइट्स पर पीक ऑवर्स के दौरान पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, जिससे भिक्षावृत्ति की गतिविधियों को शुरू होने से पहले ही रोका जा सके।

इसके साथ ही, मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास पर भी खास जोर दिया जा रहा है। दिल्ली सरकार का सामाजिक कल्याण विभाग के साथ मिलकर भिखारियों और बेघर लोगों को शेल्टर होम्स में भेजा जा रहा है, जहां उन्हें रहने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

CCTV कैमरों से रखी जा रही निगरानी

निगरानी व्यवस्था को भी हाई-टेक बनाया गया है। प्रमुख चौराहों पर लगे CCTV कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल तात्कालिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। राजधानी को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए रोकथाम, निगरानी और पुनर्वास—तीनों स्तरों पर एक साथ काम किया जा रहा है।

2011 की जनगणना के मुताबिक राज्यवार भिखारियों की संख्या

राज्य का नामकुलपुरुषमहिला
राजस्थान25,85315,27110,582
उत्तर प्रदेश65,83541,85923,976
बिहार29,72314,84214,881
सिक्किम684622
अरुणाचल प्रदेश1145955
नागालैंड1246559
मणिपुर263117146
मिजोरम533320
त्रिपुरा1,490607883
मेघालय396172224
असम22,1167,26914,847
पश्चिम बंगाल81,24433,08648,158
झारखंड10,8195,5225,297
ओडिशा17,9659,9817,984
छत्तीसगढ़10,1984,9955,203
मध्य प्रदेश28,69517,50611,189
गुजरात13,4458,5494,896
दमन और दीव22157
दादरा और नगर हवेली19712
महाराष्ट्र24,30714,02010,287
आंध्र प्रदेश30,21816,26413,954
कर्नाटक12,2706,4365,834
गोवा247131116
लक्षद्वीप202
केरल4,0232,3971,626
तमिलनाडु6,8143,7893,025
पुडुचेरी995445
अंडमान-निकोबार द्वीप562234

2011 की जनगणना के अनुसार कितने भिखारी

पीआईबी से मिले आंकड़ों के हवाले से 2011 की जनगणना के अनुसार, देश में 4,13,670 भिखारी और बेघर लोग थे। अधिकतर रेलवे स्टेशन, मंदिर, बाजार और सार्वजनिक जगहों पर इनकी तादात अधिक है। ये किसी एक शहर की बात नहीं है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के लगभग प्रत्येक राज्य में इनकी तादात अच्छी खासी है।

Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारीauthor

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।

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