दिल्ली में लगातार बढ़ती भिक्षावृत्ति पर एक्शन के संकेत मिल रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि दिल्ली पुलिस लगातार स्पेशल ड्राइव चला रही है। इन अभियानों के तहत खास तौर पर व्यस्त ट्रैफिक सिग्नलों और प्रमुख चौराहों को चिन्हित कर वहां से भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को हटाया जा रहा है, ताकि यातायात बाधित न हो और लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार की रणनीति सिर्फ हटाने तक सीमित नहीं है। संवेदनशील रेड लाइट्स पर पीक ऑवर्स के दौरान पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, जिससे भिक्षावृत्ति की गतिविधियों को शुरू होने से पहले ही रोका जा सके।
इसके साथ ही, मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास पर भी खास जोर दिया जा रहा है। दिल्ली सरकार का सामाजिक कल्याण विभाग के साथ मिलकर भिखारियों और बेघर लोगों को शेल्टर होम्स में भेजा जा रहा है, जहां उन्हें रहने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
CCTV कैमरों से रखी जा रही निगरानी
निगरानी व्यवस्था को भी हाई-टेक बनाया गया है। प्रमुख चौराहों पर लगे CCTV कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल तात्कालिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। राजधानी को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए रोकथाम, निगरानी और पुनर्वास—तीनों स्तरों पर एक साथ काम किया जा रहा है।
2011 की जनगणना के मुताबिक राज्यवार भिखारियों की संख्या
| राज्य का नाम | कुल | पुरुष | महिला |
| राजस्थान | 25,853 | 15,271 | 10,582 |
| उत्तर प्रदेश | 65,835 | 41,859 | 23,976 |
| बिहार | 29,723 | 14,842 | 14,881 |
| सिक्किम | 68 | 46 | 22 |
| अरुणाचल प्रदेश | 114 | 59 | 55 |
| नागालैंड | 124 | 65 | 59 |
| मणिपुर | 263 | 117 | 146 |
| मिजोरम | 53 | 33 | 20 |
| त्रिपुरा | 1,490 | 607 | 883 |
| मेघालय | 396 | 172 | 224 |
| असम | 22,116 | 7,269 | 14,847 |
| पश्चिम बंगाल | 81,244 | 33,086 | 48,158 |
| झारखंड | 10,819 | 5,522 | 5,297 |
| ओडिशा | 17,965 | 9,981 | 7,984 |
| छत्तीसगढ़ | 10,198 | 4,995 | 5,203 |
| मध्य प्रदेश | 28,695 | 17,506 | 11,189 |
| गुजरात | 13,445 | 8,549 | 4,896 |
| दमन और दीव | 22 | 15 | 7 |
| दादरा और नगर हवेली | 19 | 7 | 12 |
| महाराष्ट्र | 24,307 | 14,020 | 10,287 |
| आंध्र प्रदेश | 30,218 | 16,264 | 13,954 |
| कर्नाटक | 12,270 | 6,436 | 5,834 |
| गोवा | 247 | 131 | 116 |
| लक्षद्वीप | 2 | 0 | 2 |
| केरल | 4,023 | 2,397 | 1,626 |
| तमिलनाडु | 6,814 | 3,789 | 3,025 |
| पुडुचेरी | 99 | 54 | 45 |
| अंडमान-निकोबार द्वीप | 56 | 22 | 34 |
2011 की जनगणना के अनुसार कितने भिखारी
पीआईबी से मिले आंकड़ों के हवाले से 2011 की जनगणना के अनुसार, देश में 4,13,670 भिखारी और बेघर लोग थे। अधिकतर रेलवे स्टेशन, मंदिर, बाजार और सार्वजनिक जगहों पर इनकी तादात अधिक है। ये किसी एक शहर की बात नहीं है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के लगभग प्रत्येक राज्य में इनकी तादात अच्छी खासी है।
