Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा में आज होने जा रहा विशेष सत्र राजनीतिक गहमागहमी के बीच शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बुलाई गई इस बैठक का मुख्य एजेंडा महिला आरक्षण यानी 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को लेकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाना है।
विशेष सत्र का मुख्य एजेंडा: विपक्ष पर निशाना
दिल्ली सरकार की ओर से यह सत्र ऐसे समय में बुलाया गया है जब लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण गिर गया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर महिला सशक्तिकरण के मार्ग में रुकावट डालने और महिलाओं के साथ 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया है। सत्र के दौरान इसी मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) पेश किया जाएगा।
सदन की कार्यवाही का क्रम
नियम-280: सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी। सबसे पहले सदस्य विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से अपने क्षेत्रों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सदन के पटल पर रखेंगे। जिसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है, वर्ष 2024-25 के लिए दिल्ली सरकार के वित्त लेखे और विनियोग लेखे की प्रतियां सदन में पेश करेंगी। अंत में, मुख्यमंत्री नियम-90 के अंतर्गत सरकारी संकल्प पेश करेंगी, जिसमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पारित न होने देने के लिए विपक्षी दलों की निंदा की जाएगी।
लोकसभा में क्यों अटका था बिल?
केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने हेतु सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव रखा था। इसे 2029 के चुनावों से पहले लागू करने का लक्ष्य था। हालांकि, लोकसभा में हुए मतदान में बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) की कमी के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका। विपक्ष का तर्क है कि सरकार बिना जातिगत जनगणना के परिसीमन करना चाहती है।
