Datia Bypoll Results : मध्य प्रदेश की अहम मानी जाने वाली दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए मतगणना सुबह 8 बजे से की जा रही थी। पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक मामले में सजा मिलने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने से यहां उपचुनाव हुआ था। दतिया में मुख्य मुकाबला बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच है था। आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर सिंह यादव ने भी यहां से ताल ठोकी थी। बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा की जगह बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया था जिसके बाद भारी हिंसा हुई थी।
-दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जनता का शुक्रिया अदा किया, उन्होंने कहा, 'दतिया की जनता को खूब-खूब साधुवाद मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं...'
-कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद अपना जीत का सर्टिफिकेट लिया।
-दतिया विधानसभा उपचुनाव और बांकीपुर उपचुनाव नतीजों पर AAP सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे बीजेपी के लिए बड़ा झटका बताया।
-'मध्य प्रदेश में लोकतंत्र लौट रहा है...' कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने दतिया उपचुनाव पर रखी राय
-दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया
-14वें राउंड के बाद कांग्रेस आगे, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह 7,531 वोट से आगे
-बीजेपी के आशुतोष तिवारी को करीब 50,663 वोट मिले हैं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
- 15 में से 13वें राउंड के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह 61,708 वोटों के साथ 11,045 मतों की बढ़त
-कांग्रेस कार्यकर्ता 'मेलोडी' टॉफ़ी बांट रहे हैं और पटाखे फोड़ रहे हैं, क्योंकि पार्टी के उम्मीदवार घनश्याम सिंह, दतिया विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से 12,221 वोटों से आगे चल रहे हैं।
12वें राउंड के बाद दतिया से कांग्रेस के घनश्याम सिंह 12607 वोटों से आगे
-11 वें राउंड की काउंटिंग के बाद दतिया से कांग्रेस के घनश्याम सिंह 12607 वोटों से आगे
-10वें राउंड की काउंटिंग के बाद कांग्रेस लगभग 10 हजार वोटों से आगे चल रही है
-नवें राउंड के बाद कांग्रेस +9519 वोटों से आगे
-8वें राउंड बाद कांग्रेस को 6583 वोटों की बढ़त
-मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए सोमवार को मतगणना के छह दौर के बाद कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्ववी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आशुतोष तिवारी पर 1786 मतों की बढ़त बना ली।
-दतिया में बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी लगातार पीछे चल रहे हैं। छठे राउंड के बाद कांग्रेस उम्मीदवार 1786 वोटों से आगे है।
-पांचवें राउंड के बाद कांग्रेस के घनश्याम सिंह 308 वोटों से आगे
भाजपा - 4282
कांग्रेस - 3757
आसपा -1978
कुल वोट
बीजेपी- 20739
कांग्रेस- 21047
पांचों राउंड को मिलाकर कांग्रेस की लीड 308 वोट है।
-चौथे राउंड की गिनती पूरी, कांग्रेस 783 वोटों से आगे
घनश्याम सिंह कांग्रेस:- 4808
आशुतोष तिवारी भाजपा:- 4058
दामोदर यादव :- 2025
- 1184 वोट से दतिया से बीजेपी के आशुतोष तिवारी आगे
नरोत्तम मिश्रा बोले, बीजेपी जीतेगी
टाइम्स नाउ नवभारत ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा से खास बातचीत की। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अच्छे बहुमत से चुनाव जीतेगी। राजेंद्र भारती के सस्पेंशन के फैसले को उन्होंने सही बताया। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस देर आई लेकिन दुरुस्त आई। कांग्रेस को यह फैसला पहले ही ले लेना चाहिए था। राजेंद्र भारती को कोई फर्क नहीं पड़ता, वह पहले ही चार पार्टियों से चुनाव लड़ चुके हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा तात्कालिक एक दिन का ही था, उसके बाद सब ने बहुत अच्छे से काम किया है, मैं उनको देवतुल्य मानता हूं। सबने मेहनत से अपना-अपना काम किया है।
-पहले राउंड में भाजपा आगे, दूसरे राउंड में 909 की बढ़त
-दतिया उपचुनाव के लिए मतों की गिनती शुरू हो गई है। पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू हुई है। करीब 8.30 बजे से ईवीएम वोटों की गिनती शुरू होगी।
-एक अधिकारी ने बताया कि सुविधा केंद्र में कुल 21 टेबलें लगाई गई थीं, जिनमें से 20 ईवीएम की गिनती के लिए हैं। सुबह 8 बजे सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी। इसके ठीक आधे घंटे बाद, यानी सुबह 8:30 बजे से ईवीएम से मतों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। जैसे-जैसे कंट्रोल यूनिट से आंकड़े बाहर आएंगे, दतिया के सियासी समीकरणों की तस्वीर साफ होती चली जाएगी। राजनीतिक दलों के एजेंट और प्रत्याशी मतगणना केंद्रों पर डटे रहेंगे ताकि उन्हें रुझानों का संकेत मिल सके।
क्यों हो रहा उपचुनाव?
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इस सीट पर हराया था। अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत द्वारा धोखाधड़ी के मामले में राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई थी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ा।
प्रमुख मुकाबला: इस बार भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस की तरफ से घनश्याम सिंह मैदान में हैं।
क्या हैं राजनीतिक मायने?
टिकट न मिलने पर शुरुआत में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई थीं, हालांकि बाद में मिश्रा ने भावुक होकर भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को पूरा समर्थन देने का वादा किया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे राज्य सरकार के स्थायित्व पर तो असर नहीं डालेंगे, लेकिन हालिया छात्र प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पृष्ठभूमि में 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए एक बड़ा लिटमस टेस्ट है।
बीजेपी-कांग्रेस के बीच टक्कर
बीजेपी ने विकास और राज्य व केंद्र की 'डबल इंजन' सरकार के काम को अपना मुख्य मुद्दा बनाया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यहां जमकर चुनाव प्रचार किया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फसल नुकसान, ओबीसी आरक्षण और सत्ता के दुरुपयोग का मुद्दा उठाकर आक्रामक प्रचार किया। दतिया में 291 पोलिंग बूथ और बांकीपुर में 422 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। पुलिस प्रशासन ने असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए थे। आज हो रही मतगणना के लिए भी पुलिस पूरी तरह चाक-चौबंद है।
नरोत्तम को टिकट नहीं देने पर हुई थी भारी हिंसा
मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट देने से इनकार करने के भाजपा के फैसले के एक दिन बाद उनके समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। भाजपा के इस फैसले से दतिया में भारी विरोध हुआ, जहां मिश्रा का राजनीतिक प्रभाव अभी भी काफी अधिक है। समर्थकों ने लगभग 12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग 44 को अवरुद्ध किया, प्रदर्शन किए, बाजार बंद कराया और स्थानीय भाजपा कार्यालय में ताला लगा दिया था। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, उन्होंने पत्थर फेंके और संपत्ति में तोड़फोड़ की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अधिकारियों ने व्यवस्था बहाल करने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। खबरों के अनुसार, टिकट न मिलने के विरोध में कई स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया था।
