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47 साल बाद CRPF ने रचा इतिहास, 12 महीने में ऑपरेशन के दौरान नहीं हुई किसी जवान की शहादत

CRPF ने 47 साल बाद एक नया कीर्तिमान बनाया है। बल ने पिछले 12 महीनों में किसी भी अभियान के दौरान अपना एक भी जवान नहीं खोया। इससे पहले जनवरी 1979 में बल ने ऐसी अवधि पूरी की थी।

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CRPF ने एक साल तक अभियान में नहीं खोया कोई जवान (File Photo)

Photo : ANI

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने इतिहास में 47 साल बाद एक नया कीर्तिमान बनाया है। बल ने पिछले 12 महीनों के दौरान किसी भी अभियान में अपना एक भी जवान नहीं खोया है। CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह ने इसे बल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। खास बात यह है कि नक्सल विरोधी अभियान से लेकर जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद व उग्रवाद के खिलाफ CRPF की लगातार तैनाती के बावजूद यह रिकॉर्ड बना है।

जनवरी 1979 के बाद पहली बार बनी ऐसी स्थिति

सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ’’सीआरपीएफ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि। बल ने 12 माह किसी भी अभियान में अपने जवान को नहीं खोया। बल ने अंतिम बार 30 अक्टूबर 2025 में अभियान के दौरान अपने जवान को खोया था। 47 साल बाद ऐसा हुआ है। इससे पहले जनवरी 1979 में बल ने ऐसी अवधि पूरी की थी।’’

2025 में 30 अक्टूबर तक CRPF ने अभियान में खोए थे नौ जवान

अधिकारियों ने बताया कि 2025 में 30 अक्टूबर तक अभियान संबंधी कार्यों के दौरान सीआरपीएफ के नौ जवानों को खोया था।

करीब 3.25 लाख कर्मियों वाला सीआरपीएफ देशभर में विभिन्न आंतरिक सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाता है। बल की तैनाती के तीन प्रमुख अभियान क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान और पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद विरोधी अभियान शामिल हैं।

ब्रिटिश शासन में हुई CRPF की स्थापना

बल की स्थापना 1939 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। आजादी के दो साल बाद 1949 में इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर दिया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक बल के 2,270 जवान और अधिकारी कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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